पटना. वक़्फ़ संशोधन बिल पर जेडीयू ने जब से समर्थन किया है तब से बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासत में जेडीयू के स्टैंड को लेकर खूब चर्चा हो रही है. इन सबके बीच जेडीयू के मुस्लिम नेताओं की बेचैनी कुछ ज्यादा ही बढ़ी हुई है जिसने जेडीयू की परेशानी भी बढ़ा रखी है.दरअसल, वक़्फ़ संशोधन बिल पर जेडीयू के समर्थन के बाद कई मुस्लिम नेताओं ने जेडीयू से इसके विरोध में इस्तीफा दे दिया है जिससे चुनावी साल में पार्टी की परेशानी बढ़ गई है. खासकर मुस्लिम वोट को लेकर पार्टी में चिंता व्यक्त की जा रही है. लेकिन इसी बीच जेडीयू के एक बड़े मुस्लिम नेता ने जो आरोप लगाया है उसने सियासी तपिश और बढ़ा दिया है. खास बात यह है कि इसके तहत उन्होंने महागठबंधन के कई दलों के बारे में जो दावा किया गया है वह सियासी जानकारों को भी चौंका रहा है.
दरअसल, जेडीयू के बड़े मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले मेहर इकबाल हैदर जेडीयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के बिहार प्रभारी हैं और प्रदेश महासचिव भी हैं. इन्होंने आरोप लगाया है कि जेडीयू के मुस्लिम नेताओं को जान बूझकर एक षड्यंत्र के तहत हमारे विरोधी महागठबंधन की कुछ पार्टियों की ओर से बदनाम किया जा रहा है और उनके ख़िलाफ़ सोशल मीडिया में पार्टी विरोधी बातें लिखी जा रही हैं. इसमें ये दावा किया जा रहा है कि जेडीयू के मुस्लिम नेता वक़्फ के मुद्दे के बाद पार्टी से नाराज हैं और वो पार्टी छोड़ने वाले हैं. लेकिन, ये सरासर गलत है और उनकी छवि को बदनाम किया जा रहा है.
मेहर इकबाल हैदर जेडीयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के बिहार प्रभारी और प्रदेश महासचिव भी हैं.
मेहर इकबाल कहते हैं कि वक़्फ संशोधन कानून पर नीतीश कुमार नजर बनाए हुए हैं और जब मामला अभी कोर्ट में है. तब कोई भी कुछ कहे इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता है. बावजूद इसके हमारे विरोधी नीतीश कुमार और जेडीयू को मुस्लिम विरोधी बताने पर लगे हुए हैं. लेकिन, मुस्लिम समाज को मैं बताना चाहता हूं कि जब तक नीतीश कुमार हैं तब तक मुस्लिम समाज का कोई अहित नहीं कर सकता है. शायद इसी घबराहट में विरोधी पार्टी है जिनका दाल चुनाव में नहीं गलेगा इससे परेशान हैं.
वहीं, जेडीयू नेता के आरोप के बाद आरजेडी ने भी पलटवार किया है . आरजेडी के प्रवक्ता एजाज अहमद कहते हैं कि जेडीयू नेता का आरोप सरासर गलत है और ये सब जनता के गुस्से से बचने के लिए बयान दे रहे हैं. जेडीयू के नेता बीजेपी के विचारों में अपने को समाहित कर चुके हैं और उनके नेता नीतीश कुमार चुप्पी साधे हुए हैं. ऐसे में जेडीयू के मुस्लिम नेताजनता के गुस्से से डरे हुए है और उनके गुस्से से बचने के लिए इस तरह का झूठा आरोप लगा रहे हैं.