देवघर. साल का अंतिम चंद्र ग्रहण बीत चुका है लेकिन अंतिम सूर्य ग्रहण जल्द ही लगने वाला है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक ही महीने में दो ग्रहण लगना बेहद अशुभ होता है. विज्ञान के अनुसार ग्रहण एक खगोलीय घटना है लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण अशुभ होता है. जिसका प्रभाव मानव जीवन के साथ सभी राशियों के ऊपर पड़ता है. अश्विन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन चंद्र ग्रहण लगा था और अश्विन मां की अमावस्या तिथि के दिन सूर्य ग्रहण लगने वाला है. साल का अंतिम सूर्य ग्रहण कब लगेगा भारत पर इसका प्रभाव कैसा पड़ेगा जो अमावस्या के दिन पितृ तर्पण करेंगे वह कब करें सारी जानकारी जानते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य से?
ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि चंद्र ग्रहण की समाप्ति के बाद अब आश्विन माह की अमावस्या तिथि के दिन यानी 21 सितंबर को साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है. यह आंशिक सूर्य ग्रहण रहने वाला है. मतलब है चंद्रमा सूर्य का कुछ हिस्सा ही ढ़केगा. भारतीय समय अनुसार इस ग्रहण की शुरुआत देर रात 10 बजकर 59 मिनट से शुरू होगी और समापन अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त 03 बजकर 23 मिनट पर होगा. सूर्य ग्रहण आंसिक होने के कारण भारत में दिखाई नहीं देने वाला है जिस वजह से भारत पर इस ग्रहण का प्रभाव बिल्कुल भी नहीं पड़ेगा.
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अमावस्या के दिन लगेगा ग्रहण, कब करें पितृ तर्पण
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण लगने वाला है और पितृपक्ष का उस दिन अंतिम तिथि भी रहेगी. हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. जिस वजह से सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. वजह से जो धार्मिक कार्य है वह सामान्य रूप से चलते रहेंगे. तो जो अमावस्या के दिन पितृ तर्पण करना चाहते हैं दोपहर के समय वह कर सकते हैं. हालांकि, राशियों के ऊपर प्रभाव अवश्य पड़ेगा.