धर्मशाला. स्मार्ट सिटी धर्मशाला में वन वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है. कोतवाली क्षेत्र में एक तरफ से ही वाहनों को जाने की अनुमति है. लेकिन कुछ लोग अब भी मनमानी करते हुए नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है.
इसी को लेकर कोतवाली व्यापार मंडल के व्यापारियों ने विरोध जताते हुए प्रशासन को घेरा है. व्यापारियों का कहना है कि स्मार्ट सिटी में केवल व्यापारियों से पैसा लेकर रेवेन्यू जेनरेट करने पर ध्यान दिया जा रहा है. लेकिन व्यापारियों को कोई सुविधा नहीं दी जा रही. उनका आरोप है कि धरातल पर अव्यवस्था इतनी बढ़ गई है कि स्थानीय लोग ही नहीं बल्कि पर्यटक भी परेशान हैं.
व्यापारियों का दर्द
कोतवाली व्यापार मंडल के व्यापारी अमित कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन कभी ट्रेड लाइसेंस बनवाकर तो कभी किसी अन्य टैक्स के रूप में व्यापारियों से धन इकट्ठा करता है. लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद कोतवाली क्षेत्र में व्यापारियों के लिए एक सुलभ शौचालय तक नहीं बन पाया है. सड़कों पर घूमते आवारा पशु ट्रैफिक जाम का बड़ा कारण हैं जिन्हें अब तक हटाया नहीं गया.
ऐसे में प्रशासन को जवाब देना चाहिए कि व्यापारियों से इकट्ठा किए गए रेवेन्यू का उपयोग आखिर कहां हो रहा है. वहीं व्यापारी राजन ने कहा कि वन वे व्यवस्था से ट्रैफिक कहीं न कहीं थोड़ा बेहतर हुआ है. लेकिन जब तक कुछ लोग नियमों की अनदेखी करते रहेंगे, तब तक कोई खास सुधार नहीं होगा. ऐसे लोगों पर पुलिस को सख्ती दिखानी होगी.
सुविधाओं से वंचित हैं स्थानीय व्यापारी
व्यापारी अमित ने कहा कि अधिकारी सिर्फ अपने दफ्तरों में बैठकर यह योजना बनाते हैं कि व्यापारियों से टैक्स कैसे वसूला जाए. लेकिन जब बात व्यापारियों को सुविधा देने की आती है, तो आज भी वे शौचालय से लेकर पीने के पानी जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए परेशान हैं. उनका कहना है कि जब तक प्रशासन धरातल पर काम नहीं करेगा, तब तक व्यापारियों की परेशानियां खत्म नहीं होंगी.