Public Opinion: पहलगाम हमले से गुस्साए सीतामढ़ी के लोगों ने कर दी बड़ी मांग
- April 30, 2025
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Last Updated:April 30, 2025, 22:19 IST Sitamarhi news in hindi: पहलगाम हमले के विरोध में लोग अपना गुस्सा और नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. सीतामढ़ी में भी लोगों
Last Updated:April 30, 2025, 22:19 IST Sitamarhi news in hindi: पहलगाम हमले के विरोध में लोग अपना गुस्सा और नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. सीतामढ़ी में भी लोगों
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सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले के डुमरा शंकर चौक पर पाकिस्तान के खिलाफ लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है. पहलगाम हमले से गुस्साए स्थानीय लोगों ने पाकिस्तान के झंडे पर “पाकिस्तान मुर्दाबाद” लिखा हुआ पोस्टर सड़क पर चिपका दिया है. इस पर राहगीर लात मारते और थूकते हुए गुजर रहे हैं. यह विरोध प्रदर्शन डीएम आवास से महज 400 मीटर की दूरी पर हो रहा है. हालांकि, पुलिस को इसकी भनक नहीं तक नही है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब सिर्फ निंदा और पानी बंद करने से काम नहीं चलेगा. आतंकी हमले में बहे देश के लोगों के खून का जवाब उसी भाषा में दिया जाना चाहिए.
कश्मीर के खूबसूरत इलाके पहलगाम में हुए आतंकी हमले से देशभर में आक्रोश है. इस हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों का हाथ होने के संदेह ने लोगों को बेहद नाराज़ कर दिया है. विरोध के कई रूप देखने को मिल रहे हैं. सबसे अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध पहलगाम की सड़कों पर देखा गया. लोगों ने जो पाकिस्तानी झंडा सड़क पर बिछाया है उसे कोई लात मार रहा है तो कोई थूककर विरोध दर्ज कर रहा है.
यह विरोध किसी संगठन द्वारा आयोजित नहीं, बल्कि आम जनता की स्वतःस्फूर्त प्रतिक्रिया है जो देश के खिलाफ किसी भी साजिश को बर्दाश्त न करने का संदेश दे रही है. लोगों का कहना है कि ये विरोध हमारा गुस्सा नहीं, हमारी चेतावनी है. हम अब चुप नहीं बैठेंगे. पाकिस्तान को ये समझना होगा कि भारत की जनता अब जाग चुकी है. लोगों ने कहा कि हम हथियार नहीं उठाते, लेकिन हमारे तरीके से हम बता रहे हैं कि आतंक का समर्थन करने वालों की हमारे समाज में कोई जगह नहीं है.
इस तरह का जनआंदोलन यह साफ दर्शाता है कि अब जनता केवल सरकार पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि अपने तरीके से आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ आवाज़ बुलंद कर रही है. स्थानीय प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सिर्फ पानी रोक देने से पाकिस्तान सुधरने वाला नहीं है. खून का बदला खून से ही लिया जाना चाहिए. लोगों की मांग है कि सरकार सिर्फ कूटनीतिक कदम न उठाए, बल्कि सीधे और सख्त जवाब दे ताकि आतंकी हमलों की पुनरावृत्ति न हो.
