NEET 2025: इंदौर में अंधेरे में छात्रों को देनी पड़ी नीट परीक्षा, गुल रही बिजली
- May 6, 2025
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Last Updated:May 06, 2025, 00:57 IST Indore News : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2025 में इस बार नीट में अब तक का सबसे कठिन
Last Updated:May 06, 2025, 00:57 IST Indore News : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2025 में इस बार नीट में अब तक का सबसे कठिन
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इंदौर में नीट के हजारों परीक्षार्थियों के भविष्य पर संकट, अंधेरे में देनी पड़ी परीक्षा
मिथलेश गुप्ता. इंदौर. मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए नीट (यूजी) देने वाले हजारों परीक्षार्थियों के भविष्य पर रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने पानी फेर दिया. ज्यादातर परीक्षा सेंटरों पर परीक्षा शुरू होते ही मौसम बिगड़ा और बिजली गुल हो गई. परीक्षा कक्ष में इतना अंधेरा था कि परीक्षार्थी पेपर तक नहीं पढ़ पाए. इंदौर में 40 केंद्र बनाए गए थे. 10 से ज्यादा केंद्रों पर भारी अव्यस्था रही. 2500 से ज्यादा छात्रों ने इंदौर में नीट का एग्जाम दिया.
छात्रों ने विरोध जताया तो जिम्मेदार अफसरों ने कर्मचारियों की मोमबत्ती लेने भिजवाया. ज्यादातर सेंटरों पर एक से दो घंटे तक परीक्षार्थियों को अंधेरे में ही परीक्षा देना पड़ी. तीन सेंटरों पर पुलिस और अभिभावकों के बीच जमकर बहस हुई. शाम 5 बजे समय पूरा होते ही हताश-निराश मायूस छात्र रोते-बिलखते सेंटरों से बाहर निकले. अभिभावकों ने आरोप लगाया कि सेंटरों के पास जनरेटर या इन्वर्टर तक की व्यवस्था नहीं थी. पूरे मामले पर कलेक्टर आशीष सिंह का कहना है कि सभी सेंटरों की रिपोर्ट बनाकर भी NTA को भेजी जाएगी.
परीक्षार्थीयों की मांग दोबारा हो नीट :
कई छात्रों ने कहा कि पिछली बार एम्स के लिए एमबीबीएस छोड़ा था. अब भविष्य पर संकट है. जीएसीसी, होलकर, मालवा कन्या स्कूल, डीएवीवी, इल्वा स्कूल,पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय,न्यू गवर्नमेंट कॉलेज सहित एक दर्जन से ज्यादा सेंटर पर बिजली गुल हो गई. जीएसीसी में ढाई, सेंट्रल स्कूल में डेढ़ घंटे अंधेरा रहा. खिड़कियां से अंदर आ रही बारिश से ओएमआर शीट भीगी. सबसे ज्यादा परेशानी चिड़ियाघर के समीप स्थित पीएम श्री सेंट्रल स्कूल क्रमांक 1 में आई. यहां साढ़े तीन बजे गुल हुई बिजली जो परीक्षा खत्म होने तक नहीं लौटीं. खिड़कियों से पानी आ गया जिससे कई उम्मीदवारों की ओएमआर शीट ही भीग गई.
अब तक का सबसे कठिन पेपर
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2025 रविवार को कड़ी निगरानी के बीच देश के 5,400 और 14 अंतरराष्ट्रीय केंद्रों पर हुई. इसके लिए पंजीकृत 22.7 लाख में से 20.8 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए. विशेषज्ञों ने बताया इस चार नीट में अब तक का सबसे कठिन पेपर आया है. ऐसे में हाई स्कोर हासिल करना कठिन होगा.
सबसे बड़ा सवाल
मौसम विभाग में अलर्ट पहले ही ही जारी कर दिया था कि रविवार के दिन तेज आंधी तूफान के साथ मूसलाधार बारिश होगी. इसके बावजूद परीक्षा केंद्रों पर उचित व्यवस्थाएं क्यों नहीं की गई? जिम्मेदारों ने परीक्षा केंद्रों के अंदर व्यवस्थाओं का जायजा क्यों नहीं लिया? अब जिन बच्चों के सामने उनके भविष्य को लेकर एक बड़ा संकट खड़ा हो चुका है, इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? News 18 के साथ बातचीत करते हुए कई छात्रों ने कहा उन्हें उन सवालों के जवाब आते थे, जिन्हें वह दे सकते थे लेकिन अंधेरा होने की वजह से वह ठीक से प्रश्न नहीं पढ़ पाए. मोमबती में एग्जाम देना मुश्किल था. बारिश के वजह से उनकी ओएमआर शीट भी गीली हो गई और सिर्फ ये किसी एक परीक्षा केंद्र के हाल नहीं थे, अधिकांश सेंटरों के यही हाल थे. परीक्षार्थी और अभिभावक ये मांग कर रहे है कि कहीं और हो या ना हो, इंदौर में दोबारा परीक्षा होनी चाहिए.
