भीलवाड़ा. हर एक ग्रामीण और पशुपालन से जुड़े पशुपालकों के लिए पशुधन एक महत्वपूर्ण पूंजी होती है. पशुपालक और पशुधन में एक अटूट अनोखा रिश्ता होता है इसको देखते हुए राजस्थान सरकार द्वारा पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके अमूल्य पशुधन का बीमा कर पशुपालकों को पशुधन हानी होने पर सुरक्षा प्रदान किए जाने के लिए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई है. भीलवाड़ा जिले की बात की जाए तो भीलवाड़ा जिले में मंगला पशु बीमा योजना के तहत 71 हजार 945 पशुओं को लॉटरी से नामांकित करते हुए बीमा करने के लिए चयन किया गया है. राज्य सरकार के निर्देश पर अब राज्य बीमा विभाग द्वारा अग्रिम कार्रवाई करते हुए बीमा पॉलिसी जारी करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है.
संयुक्त निदेशक राज्य बीमा विभाग प्रियंका मेहरा निया ने बताया कि बीमा के लिए पशुओं की टैगिंग अनिवार्य है. चयनित पशुपालकों के अधिकतम 2 दुधारू पशु (गाय, भैंस), 10 बकरी, 10 भेड, 1 उष्ट्र वंश पशु का निशुल्क बीमा किया जा रहा है. यह बीमा 1 साल के लिए किया जाएगा. बीमा राशि का निर्धारण पशु की नस्ल, उम्र व दुग्ध उत्पादन क्षमता के आधार पर किया जाएगा, लेकिन किसी भी स्थिति में बीमा की अधिकतम राशि 40 हजार रु से अधिक नहीं होगी. योजना का क्रियान्वयन ट्रस्ट मोड पर राज्य बीमा और प्रावधायी निधि विभाग द्वारा किया जाएगा, जबकि पशुपालन विभाग नोडल विभाग होगा. इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी जन आधार कार्ड धारक पशुपालक पात्र होंगे. बीमा के लिए लॉटरी द्वारा पशुपालकों का चयन किया गया है. प्रदेश के गोपाल क्रेडिट कार्ड धारक पशुपालक और लखपति दीदी पशुपालकों को चयन में प्राथमिकता दी गई है साथ ही अनुसूचित जाति और जनजाति के लिये क्रमशः 16 और 12 प्रतिशत आरक्षण का भी प्रावधान किया गया है.
भीलवाड़ा के 71 हजार पशु चयनित
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जिला भीलवाड़ा में अब तक इस योजना अंतर्गत गाय 24 हजार 100, भैंस 15 हजार 200, बकरी 19 हजार 172, भेड 13 हजार 388, उंट 85 कुल 71 हजार 945 पशुओं को लॉटरी से नामांकित करते हुए बीमा करने हेतु चयन किया गया है. राज्य सरकार के निर्देशानुसार राज्य बीमा विभाग द्वारा अग्रिम कार्यवाही करते हुये बीमा पॉलिसी जारी करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि योजना के तहत किसी भी प्राकृतिक एवं आकस्मिक दुर्घटना जैसे आग लगना, सड़क दुर्घटना, आकाशीय बिजली गिरना, प्राकृतिक आपदा, जहरीला घास खाने या सर्प/कीड़ा काटने, किसी बीमारी आदि में मृत्यु होने पर बीमा क्लेम मिलेगा.