बार-बार गैस और एसिडिटी? हो सकता है किसी गंभीर बीमारी का संकेत
- January 23, 2026
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बार-बार गैस और एसिडिटी? हो सकता है किसी गंभीर बीमारी का संकेत विशेषज्ञों की चेतावनी: इन लक्षणों को न करें नज़रअंदाज़ आज के समय में गैस, एसिडिटी और
बार-बार गैस और एसिडिटी? हो सकता है किसी गंभीर बीमारी का संकेत विशेषज्ञों की चेतावनी: इन लक्षणों को न करें नज़रअंदाज़ आज के समय में गैस, एसिडिटी और
आज के समय में गैस, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी समस्याएं इतनी आम हो गई हैं कि लोग इन्हें सामान्य मानकर अनदेखा कर देते हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि “आज कुछ गलत खा लिया होगा” या “पेट खराब है, अपने आप ठीक हो जाएगा।” लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर गैस और एसिडिटी बार-बार, लंबे समय तक या तेज़ दर्द के साथ हो रही है, तो यह सिर्फ पेट की सामान्य समस्या नहीं, बल्कि किसी गंभीर पाचन रोग का संकेत हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार एसिडिटी की समस्या GERD (गैस्ट्रो-इसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज), पेट का अल्सर, गॉलब्लैडर की परेशानी, यहां तक कि लिवर और अग्न्याशय (Pancreas) से जुड़ी बीमारियों की ओर भी इशारा कर सकती है।
हमारा पेट एसिड बनाता है, जो भोजन को पचाने में मदद करता है। लेकिन जब यह एसिड जरूरत से ज्यादा बनने लगता है या गलत समय पर ऊपर की ओर चढ़ जाता है, तो गैस, जलन और दर्द की समस्या शुरू हो जाती है।
इसके मुख्य कारण हो सकते हैं:
अगर यह आदतें लंबे समय तक बनी रहें, तो समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
डॉक्टर्स बताते हैं कि नीचे दिए गए लक्षण सामान्य गैस नहीं, बल्कि चेतावनी हो सकते हैं:
अगर इनमें से कोई भी लक्षण लंबे समय से बना हुआ है, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है।
GERD: सिर्फ एसिडिटी नहीं, एक बीमारी
GERD यानी गैस्ट्रो-इसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पेट का एसिड बार-बार भोजन नली (Esophagus) में चला जाता है। इससे वहां जलन, सूजन और घाव तक हो सकते हैं।
GERD के मरीजों में:
जैसे लक्षण दिखते हैं। समय पर इलाज न होने पर यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पेट का अल्सर और गॉलब्लैडर की समस्या
लगातार गैस और दर्द का एक बड़ा कारण पेट या डुओडनल अल्सर भी हो सकता है। इसमें पेट की अंदरूनी परत पर घाव बन जाते हैं, जिससे तेज़ जलन और दर्द होता है।
वहीं, गॉलब्लैडर में पथरी या सूजन होने पर भी:
जैसी शिकायतें सामने आती हैं।
🧪 कब करानी चाहिए मेडिकल जांच?
डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि अगर घरेलू उपायों और दवाओं से भी राहत नहीं मिल रही है, तो जांच कराना जरूरी है।
संभावित टेस्ट:
ये जांच बीमारी की जड़ तक पहुंचने में मदद करती हैं।

🥗 लाइफस्टाइल में ये बदलाव जरूर करें
अच्छी खबर यह है कि सही जीवनशैली अपनाकर गैस और एसिडिटी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
अस्थायी राहत दे सकते हैं, लेकिन अगर समस्या पुरानी है, तो सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना सही नहीं है।
गैस को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी
विशेषज्ञ साफ कहते हैं कि गैस और एसिडिटी को “छोटी समस्या” समझकर नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी बीमारी का कारण बन सकता है। समय पर जांच, सही खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इन समस्याओं से बचा जा सकता है।
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निष्कर्ष
गैस और एसिडिटी शरीर का संकेत है कि कहीं न कहीं कुछ गलत चल रहा है। इसे अनदेखा न करें, समय रहते कदम उठाएं और अपने पाचन तंत्र को स्वस्थ रखें। याद रखें, सही आदतें ही सबसे बड़ी दवा हैं।
