इस्लामाबाद: बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने पाकिस्तान सेना की नाक में दम कर रखा है. पाकिस्तान ताबड़तोड़ हमलों से थर्रा उठा है. मंगलवार देर रात BLF ने बलूचिस्तान के कई जिलों- पंजगुर, सुराब, केच और खरान में 17 से ज्यादा टार्गेटेड हमले किए. इन हमलों को BLF ने ‘ऑपरेशन बाम ‘ का नाम दिया, जिसने पाकिस्तानी सेना और प्रशासन को हिलाकर रख दिया. सैन्य चौकियां तबाह हुईं, संचार लाइनें ठप हो गईं और सरकारी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा. लेकिन अपनी नाकामी छिपाने के लिए पाकिस्तान ने बेशर्मी से इन हमलों का ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश की. पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उनके प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने बिना किसी सबूत के भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को इस मामले में घसीटा है.
BLF के प्रवक्ता मेजर ग्वाहम बलोच ने दावा किया कि ‘ऑपरेशन बाम’ बलूचिस्तान में दशकों से हो रहे अन्याय, संसाधनों की लूट, राजनीतिक उपेक्षा और सैन्य दमन के खिलाफ एक नई जंग की शुरुआत है. उन्होंने कहा, ‘यह हमला मकरान तट से लेकर कोह-ए-सुलेमान तक फैला, जो हमारी ताकत और इरादे का सबूत है.’ इन हमलों की सटीकता और विशालता ने पाकिस्तानी सेना को सकते में डाल दिया. जहां एक तरफ BLF ने साफ कर दिया कि यह उनकी अपनी लड़ाई है, वहीं पाकिस्तान अपनी जनता को गुमराह करने के लिए भारत को बदनाम करने में जुट गया.
आतंकवाद बना पाकिस्तान के गले की हड्डी
पाकिस्तान का यह रवैया नया नहीं है. पूरी दुनिया जानती है कि उसने आतंकवाद को न केवल पनाह दी, बल्कि उसे बढ़ावा भी दिया. लेकिन अब वही आतंकी संगठन, जिन्हें उसने पाला, उसके गले की हड्डी बन गए हैं. हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में अशांति बढ़ी है, क्योंकि वहां के लोग पाकिस्तान की नीतियों से त्रस्त हैं. संसाधनों की लूट और मानवाधिकारों का हनन वहां के लोगों में गुस्सा भड़का रहा है. BLF जैसे संगठन इसी गुस्से का नतीजा हैं. लेकिन अपनी गलतियों से सबक लेने की बजाय, पाकिस्तान भारत को दोष दे रहा है. इस साल जनवरी से लेकर जून तक के आंकड़ों की बात करें तो बलूच विद्रोहियों ने 284 हमलों को अंजाम दिया. इन हमलों में
668 पाकिस्तानी फौजियों की मौत हुई. इसके अलावा बीएलए ने 45 जगहों पर कब्जा कर लिया.
अजीत डोभाल का खौफ
पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने दावा किया कि भारत प्रॉक्सी के जरिए पाकिस्तान को अस्थिर करने में लगा है. लेकिन सच यह है कि भारत ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. ऑपरेश सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था, जिसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. मुनीर को डर है कि अजीत डोभाल जैसे रणनीतिक दिमाग की चतुराई और भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत पाकिस्तान को और कमजोर कर सकती है. डोभाल की रणनीति और भारत की कूटनीतिक चालों ने पाकिस्तान को हर मोर्चे पर पस्त किया है.
अपने कारण ही फंसा है पाकिस्तान
पाकिस्तान की यह हताशा साफ दिखती है. वह बिना सबूत भारत पर इल्जाम लगाता है. बलूचिस्तान में अशांति पाकिस्तान की अपनी नीतियों का परिणाम है. भारत, डोभाल जैसे कुशल रणनीतिकारों के नेतृत्व में, न केवल अपनी सुरक्षा को मजबूत कर रहा है, बल्कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भी काम कर रहा है. पाकिस्तान को अब यह समझना होगा कि उसका असली दुश्मन कोई बाहरी ताकत नहीं, बल्कि उसकी अपनी गलत नीतियां हैं.