Auto से सफर करने वालों सावधान! नोएडा में हर 20 में से एक ऑटो है खतरे की घंटी
- May 24, 2025
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Last Updated:May 24, 2025, 20:40 IST Noida Latest News: नोएडा में 19,000 ऑटो रिक्शा में से 918 बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के चल रहे हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा
Last Updated:May 24, 2025, 20:40 IST Noida Latest News: नोएडा में 19,000 ऑटो रिक्शा में से 918 बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के चल रहे हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा
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नोएडा की सड़कों में बिना फिटनेस दौड़ रहें ऑटो बने खतरा
हाइलाइट्स
Noida Hindi News: नोएडा की सड़कों पर दौड़ते कई ऑटो रिक्शा अब यात्रियों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि खतरे का कारण बनते जा रहे हैं. दरअसल, नोएडा की सड़कों पर दौड़ रहे करीब 19,000 ऑटो रिक्शा में से लगभग 918 ऐसे हैं जिनकी फिटनेस की वैधता समाप्त हो चुकी है. यानी नोएडा में हर 20 ऑटो में से 1 ऑटो बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के चल रहा है, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गया है. ये ऑटो बिना किसी तकनीकी जांच के चलाए जा रहे हैं, जो न केवल गैरकानूनी है बल्कि आपकी जान को भी जोखिम में डाल सकता है.
अगर आप भी रोजाना ऑटो रिक्शा से सफर करते हैं तो अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा यह जांच लें कि ऑटो की फिटनेस वैध हो. फिटनेस जांच से ही वाहन की स्पीड गवर्नर, ब्रेक, क्लच, लाइट, गियर और बॉडी आदि की गहन जांच होती है, जिससे आपकी सवारी सुरक्षित रहती है.
फिटनेस जांच की अनदेखी से बढ़ा खतरा
नोएडा के परिवहन विभाग के अनुसार, कई ऑटो मालिकों और चालकों को फिटनेस जांच कराने के लिए नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन वे जानबूझकर इसे नजरअंदाज कर रहे हैं. ARTO डॉ. सियाराम वर्मा ने बताया कि बिना फिटनेस वाले ऑटो चलाना यात्री और चालक दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. इसके अलावा अगर ऐसी ऑटो की वजह से कोई दुर्घटना होती है तो बीमा कंपनियां भी क्लेम देने से इनकार कर देती हैं.
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
डॉ. सियाराम वर्मा ने चेतावनी दी है कि जिन ऑटो चालकों ने फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं बनवाया, उन पर जल्द ही कड़ी कार्रवाई होगी. भारी जुर्माना लगाया जाएगा और वाहनों को सीज भी किया जाएगा. साथ ही, सभी ऑटो में मीटर लगाना भी अनिवार्य है. अगर ऑटो में मीटर नहीं है या खराब है, तो उसकी भी फिटनेस जांच जरूरी है.
फिटनेस जांच की प्रक्रिया
ऑटो मालिक www.parivahan.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फिटनेस के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के बाद तय समय पर वाहन को सेक्टर-33 स्थित आरटीओ कार्यालय में लेकर आना होता है. यहां वाहन की स्पीड गवर्नर, ब्रेक, क्लच, लाइट, गियर, बॉडी आदि की पूरी जांच की जाती है. सभी मापदंड सही पाए जाने पर ही फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया जाता है.
जर्जर ऑटो की सूचना कहां दें?
ARTO प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडेय ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति सड़क पर चल रहे जर्जर या बिना फिटनेस वाले ऑटो देखे तो वह इसकी सूचना सीधे सेक्टर-33 स्थित परिवहन विभाग कार्यालय में दे सकता है. नागरिकों की सतर्कता से ही ऐसे खतरनाक वाहनों को रोका जा सकता है और आपकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.
