January 26, 2026
Food Lifestyle Manoranjan Religion Sports Tech Trending Video Videsh

सरस्वती पूजा 2026 — कब है, क्या है मान्यताएँ, धारणाएँ और क्यों है यह महत्वपूर्ण?

  • January 21, 2026
  • 0

सरस्वती पूजा / बसंत पंचमी 2026 की तारीख और मुहूर्त वर्ष 2026 में सरस्वती पूजा (जिसे अधिकांश भारत में बसंत पंचमी के नाम से भी मनाया जाता है)

सरस्वती पूजा 2026 — कब है, क्या है मान्यताएँ, धारणाएँ और क्यों है यह महत्वपूर्ण?

सरस्वती पूजा / बसंत पंचमी 2026 की तारीख और मुहूर्त

Yashoraj IT Solutions

वर्ष 2026 में सरस्वती पूजा (जिसे अधिकांश भारत में बसंत पंचमी के नाम से भी मनाया जाता है) 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को पड़ेगी। यह हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आता है। इस दिन माँ सरस्वती — विद्या, ज्ञान, कला, संगीत और वाणी की देवी — की विशेष आराधना होती है।

 

📌 शुभ मुहूर्त (पुजा के लिए आदर्श समय):

सुबह लगभग 07:13 बजे से दोपहर तक (लगभग 12:30 बजे) तक मान्यता है कि पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। �

 

📖 सरस्वती पूजा की पौराणिक मान्यताएँ और धारणाएँ

🌼 1. विद्या और ज्ञान की देवी की उपासना

देवी सरस्वती को हिंदू धर्म में ज्ञान, बुद्धि, संगीत, कला और वाणी की अधिष्ठात्री माना जाता है। मान्यता यह भी है कि उनके आशीर्वाद से जीवन में सफलता, आत्मविश्वास और स्पष्टता आती है, जिससे विद्यार्थी, कलाकार और साधक अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं।

 

🌸 2. बसंत ऋतु का आगमन

सरस्वती पूजा आमतौर पर बसंत पंचमी के अवसर पर मनाई जाती है, जो वसंत (बसंत) ऋतु के आगमन का प्रतीक भी है। इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनने, पीला प्रसाद चढ़ाने और उड़ानपर्दा (पतंग उड़ाने) जैसे शुभ आचारों का विशेष महत्व माना जाता है।

 

📚 3. शिक्षा और कला के नए आरंभ के लिए शुभ

भारतीय संस्कृति में इस दिन को नए अध्ययन, कला-संगीत, व्यवसाय या शिक्षा संबंधी कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। कई परिवारों में बच्चों को अक्षराभ्यास यानी पढ़ाई की शुरुआत भी इसी दिन करवाई जाती है।

 

🎶 4. सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व

विद्यालयों, महाविद्यालयों और मंदिरों में विशेष पूजा-प्रार्थना, संगीत-नृत्य कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विद्यार्थी और शिक्षक समान रूप से माँ सरस्वती से बुद्धि, प्रेरणा और रचनात्मक ऊर्जा की कामना करते हैं।

 

🤔 क्यों है यह त्योहार खास?

✔ यह ज्ञान, शिक्षा और रचनात्मकता का उत्सव है। �

✔ यह वसंत ऋतु के आगमन का संकेत देता है। �

✔ विद्यार्थी, कलाकार और शोधकर्ता इसे प्रगति-उन्मुख समय मानते हैं। �

✔ पारिवारिक परंपरा में बच्चों का अक्षरारंभ और अध्ययन की शुरुआत इस दिन शुभ माना जाता है। �

 

📰 सामाजिक संदर्भ और ताज़ा खबर

इस साल कोलकाता सहित कई स्थानों में JEE जैसे बड़े परीक्षा कार्यक्रमों की तिथियाँ भी सारस्वती पूजा के कारण पुनर्निर्धारित की गई हैं, क्योंकि छात्र समुदाय को पूजा-परंपरा के साथ भाग लेने का महत्व है। �

 

👉 और अधिक सांस्कृतिक, धार्मिक और ज्ञान-आधारित न्यूज़-लेख के लिए आप विज़िट करें: www.viralblogs.in

Dental CLinic Pro
yashoraj infosys : best web design company in patna bihar
yashoraj infosys : best web design company in patna bihar