साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण: 17 फरवरी को दिखेगा “आग की अंगूठी” का अद्भुत नज़ारा
January 16, 2026
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नई दिल्ली: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026, मंगलवार को लगेगा। यह सूर्य ग्रहण बेहद खास होगा क्योंकि यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar
नई दिल्ली: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026, मंगलवार को लगेगा। यह सूर्य ग्रहण बेहद खास होगा क्योंकि यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) होगा, जिसमें चंद्रमा सूर्य के बीच से गुजरते हुए उसे पूरी तरह नहीं ढक पाएगा और चारों ओर से सूर्य की रोशनी एक चमकदार “आग की अंगूठी” के रूप में दिखाई देगी।
🔭 कैसा होगा यह सूर्य ग्रहण?
इस सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के केंद्र भाग को ढक लेगा, लेकिन किनारों से सूर्य की रोशनी दिखाई देती रहेगी। इसी वजह से इसे वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है। यह दृश्य खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक होता है।
🌍 कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?
यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसे मुख्य रूप से:
दक्षिण अमेरिका
अंटार्कटिका
अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों
में देखा जा सकेगा। भारत में यह ग्रहण दृश्य न होने के कारण सूतक काल मान्य नहीं होगा।
⏰ सूर्य ग्रहण का समय
अंतरराष्ट्रीय समय के अनुसार यह सूर्य ग्रहण कई घंटों तक रहेगा, हालांकि अलग-अलग देशों में इसका समय अलग होगा। भारत में यह सूर्य ग्रहण दृश्य नहीं होगा, इसलिए यहां इसका प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा।
🔮 ज्योतिषीय दृष्टिकोण से प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण का प्रभाव राजनीति, मौसम, अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक घटनाओं पर पड़ सकता है। सूर्य को आत्मा, सत्ता और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, इसलिए यह ग्रहण विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण बदलावों का संकेत भी माना जा रहा है।
🛕 धार्मिक मान्यताएं
हालांकि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, फिर भी धार्मिक रूप से सूर्य ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना माना जाता है। जिन क्षेत्रों में ग्रहण दिखाई देता है, वहां लोग पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दान-पुण्य करते हैं।
📸 सूर्य ग्रहण देखने में रखें ये सावधानियां
अगर आप किसी ऐसे देश में हैं जहां यह सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, तो:
बिना फिल्टर के सूर्य को न देखें
सोलर ग्लास या विशेष फिल्टर का प्रयोग करें
मोबाइल कैमरा या दूरबीन में भी सुरक्षा फिल्टर लगाएं
🌌 2026 में और भी होंगे ग्रहण
साल 2026 में सूर्य और चंद्र ग्रहण की कई घटनाएं होंगी, जिनका खगोल प्रेमी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आने वाले समय में इन ग्रहणों की विस्तृत जानकारी भी जारी की जाएगी।
17 फरवरी 2026 को लगने वाला यह वलयाकार सूर्य ग्रहण वैज्ञानिक और खगोलीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। भले ही भारत में यह दिखाई न दे, लेकिन विश्व के कई हिस्सों में लोग “आग की अंगूठी” का यह दुर्लभ दृश्य देख पाएंगे।