स्वामी विवेकानंद की सोच आज भी युवाओं को दे रही राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा
January 12, 2026
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स्वामी विवेकानंद की सोच आज भी युवाओं को दे रही राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा स्वामी विवेकानंद का मानना था कि युवा शक्ति ही राष्ट्र-निर्माण की सबसे सशक्त आधारशिला
स्वामी विवेकानंद की सोच आज भी युवाओं को दे रही राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा
स्वामी विवेकानंद का मानना था कि युवा शक्ति ही राष्ट्र-निर्माण की सबसे सशक्त आधारशिला है। भारतीय युवा अपने जोश और जुनून से हर संकल्प को साकार कर सकते हैं।
नई दिल्ली: स्वामी विवेकानंद का मानना था कि युवा शक्ति ही किसी भी राष्ट्र के भविष्य की सबसे मजबूत नींव होती है। उनका विश्वास था कि भारतीय युवा अपने साहस, आत्मविश्वास और संकल्प के बल पर हर असंभव को संभव बना सकते हैं।
स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को हमेशा आत्मनिर्भर, साहसी और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। उनका कहना था कि जब एक युवा अपने संकल्प पर अडिग रहता है, तो उसके लिए पहाड़ भी राई बन जाते हैं।
संस्कृत श्लोक के माध्यम से इस भाव को व्यक्त करते हुए कहा गया है —
अर्थात, जिसने दृढ़ संकल्प कर लिया हो, उसके लिए आंगन ही पृथ्वी बन जाता है, नाला समुद्र बन जाता है और मिट्टी का टीला सुमेरु पर्वत के समान हो जाता है।
स्वामी विवेकानंद की यह सोच आज भी युवाओं को कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उनका संदेश है कि आत्मविश्वास, अनुशासन और कर्मशीलता से ही व्यक्ति और राष्ट्र दोनों का निर्माण होता है।
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर देशभर में युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर राष्ट्र सेवा में योगदान देने का आह्वान किया गया।
भारतीय युवाशक्ति के सशक्त प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व विकसित भारत के संकल्प में निरंतर नई ऊर्जा का संचार करने वाला है। मेरी कामना है कि राष्ट्रीय युवा दिवस का यह दिव्य अवसर सभी देशवासियों, विशेषकर हमारे युवा… pic.twitter.com/uP10YeDGP6