नई दिल्ली. पिछले करीब एक सप्ताह से कर्नाटक की राजनीति गर्म है. इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि सीएम सिद्धारमैया को पद से हटाया जा सकता है. उनके स्थान पर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है. अब इस मामले में खुद शिवकुमार का ताजा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि सीएम बनने की इच्छा रखने में कुछ भी गलत नहीं है. हालांकि उन्होंने अगली ही लाइन में यह भी साफ कर दिया कि वो सीएम सिद्धारमैया के साथ खड़े हैं और इस विषय पर कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्णय को मानेंगे.
‘कार्यकर्ताओं, संतों और जनता की इच्छा’
डीके शिवकुमार ने सीएम सिद्धारमैया द्वारा पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहने की घोषणा का सार्वजनिक रूप से समर्थन करने के बाद सोमवार को कहा कि राज्य का नेतृत्व करने की उनकी चाहत रखने वाले लोगों की आकांक्षाएं गलत नहीं हैं. डीके शिवकुमार के समर्थकों ने यह कहकर सनसनी मचा दी थी कि सिद्धारमैया सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद लीडरशिप में परिवर्तन पहले से तय था. हालांकि शिवकुमार ने कहा, कार्यकर्ताओं, संतों और जनता की अपनी-अपनी इच्छाएं हैं. मैं यह नहीं कह सकता कि उनकी आकांक्षाएं गलत हैं. हम सभी ने मिलकर इस पार्टी को बनाया है. हम इसके अनुशासित सिपाही हैं. हम साथ बैठते हैं और पार्टी जो तय करती है उसका पालन करते हैं. यहां तक कि सिद्धारमैया ने भी कई बार यह कहा है.
‘शिवकुमार उच्च पद के हकदार थे’
शिवकुमार ने आगे कहा कि लोगों ने कांग्रेस में विश्वास दिखाया है और हमें वोट दिया है. इसलिए हमें जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना चाहिए. शिवकुमार ने जोर देकर कहा कि सरकार ने लोगों के लिए प्रमुख कार्यक्रम तैयार किए हैं और उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी. शिवकुमार ने यह टिप्पणी रंभापुरी के संत श्री राजदेशिकेंद्र शिवाचार्य स्वामी के एक बयान के बाद की, जिन्होंने कहा कि शिवकुमार 2023 के चुनाव के बाद एक उच्च पद के हकदार हैं. संत ने कहा था कर्नाटक के लोग पार्टी की जीत में उनके योगदान को जानते हैं. हालांकि शिवकुमार ने तुरंत कहा कि पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी, विपक्षी नेता और यहां तक कि मीडिया भी इस मुद्दे पर अनावश्यक रूप से चर्चा कर रहा है.
‘मेरे पास कोई विकल्प नहीं’
इससे पहले नेतृत्व में बदलाव की अटकलों पर विराम लगाते हुए शिवकुमार ने सिद्धारमैया के बयान का समर्थन किया था जिसमें सिद्धारमैया ने कहा था कि वह मुख्यमंत्री के रूप में अपना पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे. कुछ दिनों पहले सीएम को मीडिया ने जब घेरकर पूछा कि क्या वो शिवकुमार के लिए कुर्सी खाले कर देंगे तो उन्होंने पूछा था कि आपको संदेह क्यों है? मैं 5 साल तक रहूंगा. शिवकुमार ने इसपर कहा था, .मेरे पास क्या विकल्प हैं? मुझे सिद्धारमैया का साथ खड़ा होना है, उनका समर्थन करना है. मुझे इस पर कोई आपत्ति नहीं है. पार्टी आलाकमान जो भी कहेगा और चाहेगा, उसे पूरा किया जाएगा.