February 19, 2026
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भारतीय एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla की स्पेसफ्लाइट का लॉन्च टला, Falcon बूस्टर में लीकेज

  • June 12, 2025
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स्पेस में भारतीय एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla का पहुंचना टल गया है। इसका कारण  Axiom-4 स्पेसफ्लाइट के Falcon 9 बूस्टर में टेस्टिंग के दौरान एक लीक है। इस मिशन

भारतीय एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla की स्पेसफ्लाइट का लॉन्च टला, Falcon बूस्टर में लीकेज
स्पेस में भारतीय एस्ट्रोनॉट Shubhanshu Shukla का पहुंचना टल गया है। इसका कारण  Axiom-4 स्पेसफ्लाइट के Falcon 9 बूस्टर में टेस्टिंग के दौरान एक लीक है। इस मिशन को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर भेजा जाना है। इस मिशन में देश के शुभांशु शुक्ला के अलावा अमेरिका की Peggy Whitson, पोलैंड के Slawosz Uznanski Wisniewski और हंगरी के Tibor Kapu शामिल हैं। 

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इन एस्ट्रोनॉट्स के साथ शून्य ग्रेविटी के उनके संकेतक के तौर पर Joy कहे जाने वाले एक स्वैन टॉय को भी भेजा जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन, V Narayanan ने बताया कि टेस्ट के दौरान प्रोपल्शन बे में एक LOx लीक मिलने के कारण इस स्पेसफ्लाइट को टाला गया है। Axiom Space और बिलिनेयर Elon Musk की SpaceX के टेक्निकल एक्सपर्ट्स ने इस समस्या पर चर्चा करने के बाद इसे ठीक करने का फैसला किया है। इसके बाद इस स्पेसफ्लाइट के लॉन्च की अगली तिथि की जानकारी दी जाएगी। इस देरी को ऑपरेशंस और क्रू की सुरक्षा की जरूरतों को पूरा करने के एक महत्वपूर्ण चरण के तौर पर देखा जा रहा है। 

अमेरिकी स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपर Axiom Space ने बताया है कि पिछले 40 वर्षों से अधिक में यह पहली बार है कि जब अमेरिका की सरकार ने भारत, पोलैंड या हंगरी के एस्ट्रोनॉट्स वाली एक स्पेसफ्लाइट को स्वीकृति दी है। भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री Rakesh Sharma ने 1984 में अंतरिक्ष में पहुंचकर इतिहास बनाया था। हालांकि, शुक्ला एक स्पेसक्राफ्ट के पहले भारतीय पायलट होंगे। इस मिशन में मिशन कमाडंर की जिम्मेदारी अमेरिका की Peggy Whitson संभालेंगी। चार सदस्यों वाला यह क्रू प्री-लॉन्च क्वारंटाइन में है। इस मिशन के लिए इस क्रू ने कड़ी तैयारी की है। शुक्ला ने इसके लिए विदेश में लंबा प्रशिक्षण लिया है। 

ISS पर मिशन के दौरान यह टीम 60 साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट करेगी। इनमें से सात एक्सपेरिमेंट्स की अगुवाई शुक्ला करेंगे। इस मिशन में 31 देशों की भागीदारी है। ये देश स्पेस में ह्युमन फिजियोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मैटीरियल्स साइंस और बायोलॉजिकल स्टडीज में योगदान देंगे। भारत को इससे देश की पहले ह्युमन स्पेस मिशन Gaganyaan के लिए महत्वपूर्ण सीख मिल सकती है। Falcon 9 में समस्या का समाधान होने और अंतिम टेस्ट्स को पूरा करने के बाद यह स्पेस मिशंस के इतिहास में एक बड़ा क्षण होगा। 

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