BJP की आंतरिक राजनीति गरमाई, अगला अध्यक्ष कौन? 'वन मैन, वन पोस्ट' पर सस्पेंस
- June 11, 2025
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मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सबकी नजरें भाजपा के अगले प्रदेश अध्यक्ष पर टिक गई हैं. पिछले पाँच महीनों से चली आ रही रहस्यमयी चुप्पी
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सबकी नजरें भाजपा के अगले प्रदेश अध्यक्ष पर टिक गई हैं. पिछले पाँच महीनों से चली आ रही रहस्यमयी चुप्पी
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सबकी नजरें भाजपा के अगले प्रदेश अध्यक्ष पर टिक गई हैं. पिछले पाँच महीनों से चली आ रही रहस्यमयी चुप्पी अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहाँ 16 जून के बाद प्रदेश संगठन में एक बड़े ऐलान की संभावना है. इस महत्वपूर्ण घोषणा से पहले, पार्टी की उम्मीदें और रणनीतिक मंथन अब “पचमढ़ी प्रशिक्षण वर्ग” से जुड़ गए हैं, जिसे प्रदेश भाजपा के भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है.
अध्यक्ष पद पर वीडी शर्मा और ‘वन मैन, वन पोस्ट’ का पेच
वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के पास लोकसभा सांसद का पद भी है, और यही वह बिंदु है जहाँ पार्टी के भीतर एक महत्वपूर्ण सवाल उठ रहा है: क्या भाजपा “वन मैन, वन पोस्ट” (एक व्यक्ति, एक पद) के उस स्थापित फॉर्मूले पर चलेगी, जिस पर वह अतीत में जोर देती आई है? यह सिद्धांत भाजपा की आंतरिक अनुशासन और सांगठनिक शुचिता का प्रतीक रहा है.
पचमढ़ी मंथन के बाद साफ होगी तस्वीर
यह प्रशिक्षण वर्ग ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं और भाजपा केंद्रीय नेतृत्व अब विभिन्न राज्यों में सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. मध्य प्रदेश में सभी 29 सीटें जीतने के बावजूद, पार्टी भविष्य की चुनौतियों, खासकर 2028 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए एक मजबूत और प्रभावी अध्यक्ष चाहती है. मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी एक बड़ी प्राथमिकता है.
भाजपा के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ माना जा रहा पचमढ़ी का प्रशिक्षण वर्ग
16 जून के बाद संगठनात्मक चुनाव की अधिसूचना आने की संभावना है, जिससे अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल दावेदारों की किस्मत का फैसला हो सकता है. ऐसे में, पचमढ़ी का प्रशिक्षण वर्ग भाजपा के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ माना जा रहा है. यही वह मंच हो सकता है जहाँ पार्टी अपने भीतर के विभिन्न मतभेदों को सुलझा कर एक राय बना ले—कि प्रदेश में पार्टी की कमान किसे सौंपी जाए. यह निर्णय केवल एक नियुक्ति नहीं होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश की राजनीति में भाजपा की स्थिति और भविष्य की दिशा को परिभाषित करेगा.
