February 19, 2026
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सोनम को 72 घंटे की ट्रांज‍िट रिमांड मिली, आख‍िर इसका मतलब क्‍या होता है?

  • June 10, 2025
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Last Updated:June 10, 2025, 02:01 IST सोनम को कोर्ट से 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिली है, जिसका मतलब है कि पुलिस को उसे संबंधित राज्य की अदालत

सोनम को 72 घंटे की ट्रांज‍िट रिमांड मिली, आख‍िर इसका मतलब क्‍या होता है?

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सोनम को कोर्ट से 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिली है, जिसका मतलब है कि पुलिस को उसे संबंधित राज्य की अदालत में पेश करने का समय मिला है. ट्रांजिट रिमांड गिरफ्तारी नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया है.

सोनम को 72 घंटे की ट्रांज‍िट रिमांड मिली, आख‍िर इसका मतलब क्‍या होता है?

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सोनम को 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिली. (Image:News18)

हाइलाइट्स

  • सोनम को 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिली.
  • ट्रांजिट रिमांड गिरफ्तारी नहीं, कानूनी प्रक्रिया है.
  • पुलिस को आरोपी को संबंधित राज्य की अदालत में पेश करना होगा.

नई दिल्ली. खबरों में छाई सोनम को कोर्ट से 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिली है. अब यह सवाल हर किसी के जहन में उठ रहा है कि आख़िर ट्रांजिट रिमांड होता क्या है? क्या इसका मतलब गिरफ्तारी है या महज पूछताछ की इजाजत? तो चलिए आपको सरल भाषा में समझाते हैं.

क्या है ट्रांजिट रिमांड?

जब किसी आरोपी को उस राज्य या शहर से गिरफ्तार किया जाता है, जो मूल केस दर्ज होने वाले स्थान से अलग होता है, तो उसे वहां की स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेना जरूरी होता है. इसका मकसद होता है– अदालत की अनुमति से आरोपी को असली केस वाले राज्य में ले जाना. उदाहरण के तौर पर, अगर केस दिल्ली में दर्ज है लेकिन आरोपी को मुंबई में पकड़ा गया है, तो मुंबई की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेकर आरोपी को दिल्ली लाया जा सकता है.

क्यों दी जाती है 72 घंटे की रिमांड?

72 घंटे यानी तीन दिन की रिमांड का मतलब है कि पुलिस को इतना समय दिया गया है कि वह आरोपी को संबंधित राज्य की अदालत तक ले जाए. इस दौरान पुलिस को आरोपी की सुरक्षा, मेडिकल जांच और अन्य कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है.

 अब जब सोनम को ट्रांजिट रिमांड मिल गई है, तो संबंधित राज्य की पुलिस उसे लेकर केस की जांच वाली अदालत में पेश करेगी. वहां आगे की रिमांड, जमानत या न्यायिक हिरासत का फैसला किया जाएगा. ट्रांजिट रिमांड का मकसद न तो आरोपी को सजा देना है और न ही उसे सीधे जेल भेजना. यह सिर्फ एक कानूनी प्रक्रिया है, ताकि जांच सही स्थान पर आगे बढ़ सके.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in … और पढ़ें

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