दिल्ली के इस मस्जिद में भटकती है आत्मा, बुर्के वाली के खौफ से कांपते हैं लोग
- May 28, 2025
- 0
दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अगर सबसे प्रसिद्ध मस्जिद की बात करें तो वह जामा मस्जिद है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं, लेकिन आज हम
दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अगर सबसे प्रसिद्ध मस्जिद की बात करें तो वह जामा मस्जिद है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं, लेकिन आज हम
दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अगर सबसे प्रसिद्ध मस्जिद की बात करें तो वह जामा मस्जिद है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं, लेकिन आज हम आपको साउथ दिल्ली के गांव में छुपी हुई एक ऐसी ऐतिहासिक धरोहर मस्जिद के बारे में बताने वाले हैं, जो की जामा मस्जिद से पुरानी और दिल्ली की पहली मस्जिद के रूप में जानी जाती है. आज के समय में यह जगह डरावनी जगहों में से एक है, जहां रात के समय जाने से लोग बहुत डरते हैं. ऐतिहासिक इमारत की खासियत और इसकी डरावनी होने के पीछे के कारण के बारे में जानते हैं….
मोहम्मद बिन तुग़लक ने करवाया निर्माण
हम बात कर रहे हैं साउथ दिल्ली के मालवीय नगर के सुदूर कोने में, जहां संकरी गलियां मुड़ती-उतरती हैं और लटकते बिजली के तारों, कसाईयों और मुर्गियों, घरों के बीच में स्थित बेगमपुर मस्जिद की, जो दिल्ली की सबसे पुरानी और पहली मस्जिद है. जिसका निमार्ण सुल्तान मोहम्मद बिन तुग़लक ने करवाया था जिसे उस समय बड़ी मस्जिद या जामा मस्जिद के नाम से जाना जाता था पर आज के समय में यह बेगमपुर मस्जिद या किला के रूप में प्रसिद्ध है.
मस्जिद की डरावनी होने की कहानी
बेगमपुर गांव के रहने वाले सत्येंद्र जिनकी उम्र 68 साल है, उन्होंने बताया कि उनका बचपन इस मस्जिद में खेलते हुए बीता है, जहां उन्होंने आगे बताया कि मस्जिद में रात के समय में बुर्के वाली आत्मा भटकती है. लोगों की मान्यता है जिस वजह से रात के समय यहां जाने से लोग डरते थे और बहुत से लोगों ने यहां बुरी आत्माएं भी देखी हैं, लेकिन आज के समय में ऐसा कुछ नहीं है. वहीं अभी ऐसा कुछ साइंटिफिकली भी कोई प्रूफ नहीं किया गया है. यह केवल यहां के गांव के लोगों की मान्यता है.
अब कैसा दिखता है बेगमपुर का मस्जिद
वहीं अब के समय में बेगमपुर की मस्जिद की स्थिति की बात करें, तो यह खंडहर के रूप में तब्दील हो गया है, परंतु यह बहुत बड़े मैदान में फैला हुआ है जो दिन के उजाले में दिखने में बहुत खूबसूरत लगता है. ऐसा इसलिए क्योंकि मस्जिद के चारों तरफ हरियाली और सुंदर वास्तुकला देखने को मिलेगा. बता दें कि इसकी एंट्री फीस बिल्कुल निशुल्क है. इसीलिए, अगर आप कुछ नया अनुभव चाहते हैं तो यहां घूमने के लिए आप आ सकते हैं.
टाइम और लोकेशन
बेगमपुर का मस्जिद सुबह 5:00 से लेकर शाम 5:00 तक खुला रहता है और इसकी लोकेशन की बात करें तो नजदीकी मेट्रो स्टेशन मालवीय नगर है.
