रेस कोर्स के लिए लाए गए 8 घोड़ों की मौत, एनिमल लवर्स ने जताई हत्या की आशंका
- May 25, 2025
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Last Updated:May 25, 2025, 00:43 IST जबलपुर में हैदराबाद से लाए गए 57 रेस घोड़ों में से 8 की रहस्यमय मौत पर पशु प्रेमियों ने हत्या का आरोप
Last Updated:May 25, 2025, 00:43 IST जबलपुर में हैदराबाद से लाए गए 57 रेस घोड़ों में से 8 की रहस्यमय मौत पर पशु प्रेमियों ने हत्या का आरोप
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जबलपुर में घोड़ों की मौत से हड़कंप मचा हुआ है.
हाइलाइट्स
जबलपुर. अचानक हैदराबाद से जबलपुर लाए गए 57 रेस घोड़ों में से 8 की रहस्यमय मौत ने अब शहर में एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. इसे सामान्य मौत मानने से इनकार करते हुए, पशु प्रेमियों ने इसे सीधे-सीधे ‘हत्या’ करार दिया है. इस मामले में एनिमल लवर्स की एंट्री के साथ ही, कई गंभीर आरोप और सवाल खड़े हो गए हैं, जिनके तार कथित तौर पर अवैध रेसिंग और काली कमाई से जुड़ते दिख रहे हैं. जबलपुर के रेस कोर्स के नाम पर लाए गए इन घोड़ों को लेकर एनिमल लवर्स का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर लापरवाही का शिकार बनाया गया. पशु प्रेमी सिमरन इस्सर ने बताया कि जबलपुर के सचिन तिवारी, जिन्होंने इन 57 घोड़ों को हैदराबाद से मंगवाया था, उन्हें इन बेजुबान जानवरों की जरा भी परवाह नहीं थी. उनके गैर-जिम्मेदाराना रवैये के चलते देखते ही देखते 8 घोड़ों ने दम तोड़ दिया, जिससे पशु प्रेमियों में गहरा आक्रोश है.
इस पूरे मामले को साधारण मौत न मानते हुए, पशु प्रेमी सिमरन इस्सर ने इसे गंभीरता से लिया है. वह विशेष रूप से जबलपुर पहुंचीं और अपने एडवोकेट उमेश त्रिपाठी से गहन चर्चा की. इस चर्चा के बाद, उन्होंने इस पूरे मामले में कानूनी कदम उठाने का फैसला किया है. सिमरन इस्सर ने साफ शब्दों में आरोप लगाया है कि जबलपुर पहुंचे ये 57 घोड़े दरअसल हैदराबाद रेस कोर्स से लाए गए हैं. सिमरन इस्सर ने इस मामले में और भी गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि हैदराबाद में इन घोड़ों का इस्तेमाल अवैध तरीके से खेलों (रेसिंग) के लिए होता था. उनका आरोप है कि इससे जुड़े कारोबारी इस अवैध धंधे की आड़ में करोड़ों रुपए की ‘काली कमाई’ कर चुके हैं. इस्सर के अनुसार, जब सरकार की नजर इस अवैध कारोबार पर पड़ी, तो इन घोड़ों को आनन-फानन में ‘ठिकाने लगाने’ के लिए जबलपुर भेज दिया गया. यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह पशु क्रूरता के साथ-साथ बड़े वित्तीय अपराधों का भी मामला होगा.
मेनका गांधी ने दो बार कलेक्टर को किया फोन
इस संवेदनशील मामले की जानकारी पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रख्यात पशु प्रेमी मेनका गांधी तक भी पहुंच गई है. सिमरन इस्सर ने बताया कि मेनका गांधी ने इस खबर पर गहरी चिंता व्यक्त की है और उन्होंने खुद जबलपुर के प्रशासन से फोन पर चर्चा कर इस पूरे मामले में ‘उचित और कड़ी कार्यवाही’ किए जाने को कहा. मेनका गांधी का हस्तक्षेप इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है और अब प्रशासन पर निष्पक्ष जांच का दबाव भी बढ़ गया है.
शहर में चर्चा का बाजार गर्म: रेस कोर्स या महज बहाना?
इन गंभीर आरोपों के चलते अब शहर में यह चर्चा तेजी से फैल गई है कि क्या वाकई में जबलपुर में कोई रेस कोर्स खोला जा रहा था, या फिर इन घोड़ों को किसी अवैध गतिविधि के सबूतों को छुपाने के लिए यहां लाया गया था? यह एक ऐसा सवाल है, जिसका जवाब जांच के बाद ही सामने आ पाएगा. स्थानीय लोग और पशु प्रेमी इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने की मांग कर रहे हैं.
सिमरन इस्सर की चिंता और आगे की मांग
एनिमल लवर सिमरन इस्सर ने अपनी चिंता दोहराते हुए कहा, “यह सिर्फ घोड़ों की मौत का मामला नहीं है, यह पशु क्रूरता और संभवतः एक बड़े अवैध नेटवर्क का मामला है. इन घोड़ों को जिस तरह से लाया गया और फिर उनकी मौत हुई, वह सामान्य नहीं है. हम चाहते हैं कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और बचे हुए घोड़ों की सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जाए.”
