किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब खेतों में नहीं घुसेंगे आवारा पशु, जानिए प्लान
- May 23, 2025
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Last Updated:May 23, 2025, 00:32 IST झांसी और बुंदेलखंड के किसानों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए सरकार ने सोलर फेंसिंग स्कीम शुरू की है. यह तकनीक
Last Updated:May 23, 2025, 00:32 IST झांसी और बुंदेलखंड के किसानों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए सरकार ने सोलर फेंसिंग स्कीम शुरू की है. यह तकनीक
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हाइलाइट्स
झांसी: यूपी के झांसी समेत पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में अन्ना प्रथा की समस्या काफी बढ़ गई है. अन्ना प्रथा का मतलब है कि लोग अपने पालतू या घरेलू पशुओं को सड़क किनारे या खुले में छोड़ देते हैं. इससे आवारा पशुओं की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और ये पशु लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं. सड़कों पर घूमते ये आवारा पशु कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं.
वहीं, ये किसान भाइयों के लिए भी बड़ी समस्या हैं. ये उनके खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं. इन आवारा पशुओं से अपनी फसल बचाने के लिए किसानों को रात भर जागकर खेतों की रखवाली करनी पड़ती है.
खेत में नहीं घुसेंगे आवारा पशु
किसानों की इस समस्या को देखते हुए सरकार ने अब एक नई तकनीक की शुरुआत की है, जिसका नाम है सोलर फेंसिंग स्कीम. इस योजना के तहत किसानों को अपने खेतों के चारों ओर सोलर फेंसिंग लगाने की सलाह दी जा रही है. सरकार इस योजना पर 80 फीसदी तक की सब्सिडी भी दे रही है, जिससे किसानों को इसका ज्यादा लाभ मिल सके.
यह सोलर फेंसिंग विशेष तारों से बनी होती है, जो सूरज की ऊर्जा से चलती है. इस फेंसिंग में करंट दौड़ता है, जो आवारा पशुओं को मामूली सा झटका देता है. इससे वे खेतों के अंदर आने से डरते हैं. साथ ही, फेंसिंग के साथ एक अलार्म सिस्टम भी जुड़ा होता है, जो जब कोई पशु फेंसिंग के पास आता है तो तेज आवाज करता है. यह अलार्म किसान अपने घर में लगाकर खेत की निगरानी कर सकते हैं.
कम लागत में मिल रही ज्यादा सुरक्षा
एक्सपर्ट बताते हैं कि इस सोलर फेंसिंग की मदद से आवारा पशुओं को खेत से दूर रखा जा सकता है और खेत की फसल को नुकसान पहुंचने से बचाया जा सकता है. खास बात यह है कि यह सिस्टम पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल और पशुओं के लिए सुरक्षित है. इसमें पशुओं को केवल मामूली झटका लगता है, जिससे उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आती, पर वे खेत से दूर हो जाते हैं.
सोलर फेंसिंग दिन में सूरज की ऊर्जा से चार्ज होती है और रात में भी काम करती है. यह पूरी तरह से ऑटोमैटिक सिस्टम है, जिससे किसान रात को भी फसल की सुरक्षा कर सकते हैं. सबसे बड़ी खुशी की बात यह है कि एक एकड़ खेत में यह सिस्टम केवल 2000 रुपए में लगाया जा सकता है. ऐसे में किसानों के लिए बड़ी राहत देने वाली है.
किसानों को मिलेगी राहत
झांसी के किसान इस योजना को लेकर खुश हैं और कहते हैं कि इस तकनीक से उन्हें अब रात भर जागकर खेत की देखभाल नहीं करनी पड़ेगी. इससे न केवल उनका समय बचेगा बल्कि फसल की भी बेहतर सुरक्षा होगी. उम्मीद है कि जल्द ही बुंदेलखंड के सभी किसानों तक यह सुविधा पहुंचेगी और आवारा पशुओं की समस्या कम होगी.
