नई दिल्ली. हम बचपन से सुनते आ रहे हैं कि लालच नहीं करना चाहिए. लालच बुरी बला है. कभी-कभी ज्यादा प्रॉफिट का लालच लोगों को भारी पड़ता है. कुछ ऐसा ही दुबई की ब्रोकरेज फर्म गल्फ फर्स्ट कमर्शियल ब्रोकर्स (Gulf First Commercial Brokers) के निवेशकों के साथ हुआ है. इसमें भारतीय निवेशक के करोड़ों रुपये डूब चुके हैं. कंपनी रातों रात गायब हो गई. उसका ऑफिस खाली पड़ा है. निवेशक परेशान हैं और उनका दावा है कि उन लोगों के लाखों दिरहम डूब गए हैं.
खलीज टाइम्स में छपी खबर के अनुसार, कैपिटल गोल्डन टॉवर के सूट 302 और 305 में कंपनी के 2 ऑफिस थे, जहां करीब 40 कर्मचारी निवेशकों को फॉरेक्स के ऑफर के लिए लगातार कॉल करते थे. अब दोनों ऑफिस खाली हो चुके हैं. कभी यहां कॉल सेंटर की तरह चहल-पहल रहती थी, पर अब पूरे ऑफिस में सन्नाटा पसरा हुआ है. ऑफिस में सिर्फ एक पोछा, एक बाल्टी और एक काले कचरे से भरा एक बैग पड़ा है. फर्श पर धूल जमी है, फोन के तार टूटे हुए हैं और निवेशकों के पैसे डूब चुके हैं.
कंपनी वाले फोन कर निवेश के लिए कहते थे
कैपिटल गोल्डन टॉवर के एक सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि कंपनी के मैनेजमेंट ने चाबियां वापस कर दी हैं और सब कुछ खाली कर दिया है. गार्ड ने कहा कि अब लोग डेली कंपनी के बारे में पूछने आ रहे हैं.
भारतीय निवेशकों के लाखों स्वाहा
केरल के प्रवासी मोहम्मद और फयाज पोयिल ने गल्फ फर्स्ट कमर्शियल बैंकर्स में 75 हजार डॉलर का निवेश किया था. फयाज ने कहा, ”मैं यहां जवाब खोजने आया था, लेकिन यहां कुछ भी नहीं है. कोई नहीं है. बस खाली ऑफिस हैं. हमने हर नंबर पर कॉल किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया. ऐसा लगता है जैसे वे कभी थे ही नहीं.”
मोडस ऑपरेंडी
स्कीम के डिटेल के अब साफ हो रहे हैं. भारतीय निवेशक संजीव ने बताया कि गल्फ फर्स्ट कमर्शियल ब्रोकर्स ने ग्राहकों को सिग्मा-वन कैपिटल के जरिए निवेश करने के लिए जोर दिया, जो एक अनरेगुलेटेड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है. पुलिस ने कंपनी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है.