February 20, 2026
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PSLV मिशन क्यों फेल हो गया, रॉकेट में कैसे आ गई खराबी? इसरो करेगी जांच

  • May 19, 2025
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Last Updated:May 19, 2025, 00:03 IST ISRO PSLV Mission News: इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने बताया कि पीएसएलवी रॉकेट पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (ईओएस-09) को कक्षा में स्थापित

PSLV मिशन क्यों फेल हो गया, रॉकेट में कैसे आ गई खराबी? इसरो करेगी जांच

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ISRO PSLV Mission News: इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने बताया कि पीएसएलवी रॉकेट पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (ईओएस-09) को कक्षा में स्थापित करने में विफल रहा. जांच के लिए समिति गठित की गई है.

PSLV मिशन क्यों फेल हो गया, रॉकेट में कैसे आ गई खराबी? इसरो करेगी जांच

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दो चरण को पास करने के बाद तीसरे चरण में इसरो का मिशन फेल हो गया. (पीटीआई)

हाइलाइट्स

  • PSLV चार चरण वाला यान है. पहले चरण में 134 टन की ठोस प्रणोदन प्रणाली शामिल है.
  • श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण के कुछ ही मिनटों बाद पीएसएलवी रॉकेट में खराबी आ गई.
  • पीएसएलवी मिशन क्यों फेल हुआ? इसके लिए इसरो ने जांच समिति गठित की है.

चेन्नई. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने रविवार को कहा कि उस घटना की जांच के लिए अंतरिक्ष एजेंसी ने एक समिति गठित की है जिसमें पीएसएलवी रॉकेट पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (ईओएस-09) को कक्षा में स्थापित करने में विफल रहा. नारायणन ने बताया कि समिति ने कारण जानने के लिए कई दौर की चर्चा की है. इससे पहले दिन में इसरो अपने पृथ्वी अवलोकन उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने में विफल रहा क्योंकि यहां से लगभग 135 किलोमीटर दूर श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण के कुछ ही मिनटों बाद पीएसएलवी रॉकेट में खराबी आ गई.

नारायणन ने कहा, “हमारा आज श्रीहरिकोटा से ‘पीएसएलवीसी61 ईओएस-09 मिशन’ के तहत 101वें प्रक्षेपण का लक्ष्य था. पीएसएलवी चार चरण वाला यान है. पहले चरण में 134 टन की ठोस प्रणोदन प्रणाली शामिल है और इसमें छह मोटर हैं, जिनमें से प्रत्येक में 12 टन प्रणोदक है. दूसरे चरण में 40 टन की तरल प्रणोदन प्रणाली है, तीसरे चरण में आठ टन की ठोस प्रणोदन प्रणाली है, और चौथे चरण में भी तरल प्रणोदन का इस्तेमाल किया जाता है. उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने के लिए इन चार चरणों को मिलकर काम करना चाहिए.”

उन्होंने हवाई अड्डे पर संवाददाताओं को बताया कि 22 घंटे की उल्टी गिनती के बाद रॉकेट रविवार को सुबह पांच बजकर 59 मिनट पर योजनानुसार उड़ान भर गया और एक बिंदु तक सभी प्रणालियां सामान्य रूप से काम कर रही थीं. नारायण ने कहा, “पहले दो चरण सफलतापूर्वक पूरे हो गए. हालांकि, तीसरे चरण में एक विसंगति देखी गई. एक बार जब हमने समस्या की पहचान कर ली तो हमें (इसरो) एहसास हुआ कि मिशन पूरा नहीं हो सकता.”

उन्होंने कहा, “समस्या के मूल कारण की पहचान करने के लिए एक समिति गठित की गई है और हमने आज कई चर्चाएं कीं. एक बार जब हम घटना के मूल कारण की पहचान कर लेंगे तो हम आपको इसके कारण के बारे में सूचित करेंगे.” उन्होंने कहा कि यह ‘खेदजनक’ है कि मिशन पूरा नहीं हो सका. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी अपने आगामी प्रक्षेपणों को आगे बढ़ाएगी. उन्होंने कहा, “हमने इस साल हर महीने एक मिशन की योजना बनाई है.”

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें

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