PAK संग जंग बीजी था भारत, पीछे से चीन ने चली नई चाल, एक्शन में आई नौसेना
- May 15, 2025
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Last Updated:May 15, 2025, 00:03 IST China News in Hindi: चीन का जासूसी जहाज ‘दा यांग हाओ’ मलक्का स्ट्रेट से होते हुए बंगाल की खाड़ी में पहुंचा, जिससे
Last Updated:May 15, 2025, 00:03 IST China News in Hindi: चीन का जासूसी जहाज ‘दा यांग हाओ’ मलक्का स्ट्रेट से होते हुए बंगाल की खाड़ी में पहुंचा, जिससे
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चीन ने हिन्द महासागर में हिमाकत की. (File Photo)
हाइलाइट्स
China News in Hindi: चीन की हरकतों से दुनिया वाकिफ है. वो एक तरफ विश्व के सामने शराफत का चोला ओढ़े हुए है. अंदर खाने ड्रैगन षडयंत्र रचने का कोई मौका नहीं छोड़ता है. पिछले करीब 20 दिन से भारतीय सेना पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के तहत एक्शन में व्यस्त थी. इसी बीच चीन ने हिन्द महासागर में बड़ी हिमाकत कर दी. चीन की हिमाकत इतनी बड़ी थी कि इसका पता चलते ही भारतीय नेवी तुरंत एक्शन में आ गई. वो सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है. दरअसल, हुआ कुछ यूं कि भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच चीनी का जासूसी जहाज ‘दा यांग हाओ’ मलक्का स्ट्रेट से होते हुए सीधे बंगाल की खाड़ी में पहुंच गया.
भारत हमेशा से ही चीन के रिसर्च वेसल को बंगाल की खाड़ी में आने से रोकता रहा है. चाहे बांग्लादेश हो या फिर श्रीलंका या मालदीव, भारत अपने हर पड़ोसी के साथ मिलकर चीन को इस क्षेत्र में आने से रोकने का हर संभव प्रयास करता है. भारत पाकिस्तान संग बीजी था. तभी चीन का आधुनिक रिसर्च जहाजों गुपचुप तरीके से यहां आ गया. इस जहाज को चीन की ‘फ्लोटिंग लैब’ के नाम से भी जाना जाता है. हालांकि, भारत और अन्य देश इसे एक जासूसी जहाज ही मानते हैं. यह वेसल समुद्र की गहराई का नक्शा बनाने के लिए जाना जाता है. इस जहाज की मदद से ही चीन मिसाइलों को ट्रैक करने और पनडुब्बियों की गतिविधियों की निगरानी करने में सक्षम हो सका है.
ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस विशेषज्ञ डेमियन साइमन ने बताया कि यह जहाज श्रीलंका के दक्षिण की ओर बढ़ रहा था. ड्रैगन ने 2019 में इसे अपने बेड़े में शामिल किया था. पिछले कुछ वर्षों में चीन के ऐसे कई जहाज रिसर्च वेसल हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में नजर आए हैं. माना जाता है कि चीन का यह जहाज रिसर्च के नाम पर सैन्य अभियानों के लिए अहम डेटा इकट्ठा करता है. माना जाता है कि चीन की नौसेना के पास दा यांग हाओ जैसे कुल चार और रिसर्च जहाज हैं. जियांग यांग होंग 3 ने हाल ही में मालदीव की राजधानी माले में दो बार डॉक किया था. दावा किया जा रहा है कि जियांग यांग होंग 1 भारतीय मिसाइल टेस्ट से ठीक पहले बंगाल की खाड़ी में देखा गया. यह रिसर्च वेसल एक वक्त में विशाखापत्तनम पोर्ट से महज 250 समुद्री मील यानी 463 किलोमीटर की दूरी पर था.

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें
