दिल्ली: हर बूंद का होगा हिसाब, सरकार का बड़ा एलान, ऐसे तय होगा पानी का दाम
- May 14, 2025
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Delhi Water Bill New Rule: दिल्ली में गर्मियों में पानी की कमी देखी जाती है. गर्मी आते ही कई इलाकों में पानी को लेकर संग्राम होने लगता है.
Delhi Water Bill New Rule: दिल्ली में गर्मियों में पानी की कमी देखी जाती है. गर्मी आते ही कई इलाकों में पानी को लेकर संग्राम होने लगता है.
Delhi Water Bill New Rule: दिल्ली में गर्मियों में पानी की कमी देखी जाती है. गर्मी आते ही कई इलाकों में पानी को लेकर संग्राम होने लगता है. पिछले साल क्या हर साल देश की राजधानी दिल्ली में एक ही मंजर रहता है. लोग पानी के लिए पानी टैंकरों के सामने लंबी-लंबी लाइन लगाकर खड़े रहते हैं. लेकिन अब दिल्ली सरकार ने इस समस्या से लड़ने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब दिल्ली में ‘हर बूंद’ का हिसाब होगा. दिल्ली में पानी की बर्बादी और चोरी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है.
इस मामले पर जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने साफ कहा है, “जो लोग जनता के पानी से करोड़ों का कारोबार चला रहे हैं उनका फ्री का सफर अब खत्म होगा.” दिल्ली सरकार ने आदेश जारी किया है कि अब होटल, मॉल, बैंक्वेट हॉल, बड़े प्राइवेट हॉस्पिटल और अन्य कमर्शियल संस्थानों को पानी का बिल उनके सीवेज डिस्चार्ज के आधार पर भरना होगा. यानी जितना गंदा पानी छोड़ा जाएगा उतने पानी का उपयोग मानकर बिल बनेगा भले ही उन्होंने मीटर लगवाया हो या नहीं.
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आम लोगों पर नहीं पड़ेगा असर
यह नियम सिर्फ कमर्शियल यूनिट्स के लिए है. दिल्ली के आम नागरिकों, गरीब परिवारों, झुग्गीवासियों पर इसका कोई असर नहीं होगा. दिल्ली सरकार की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी साफ किया है कि उनकी प्राथमिकता जनता को सस्ती और साफ-सुथरी सुविधाएं देना है.
मुख्यमंत्री बनने के बाद से रेखा गुप्ता लगातार एक्टिव नजर आई हैं. चाहे वह झुग्गियों का पानी मीटर माफ करना हो या स्कूलों में साफ पानी की व्यवस्था करना. यह कदम भी उनकी उसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें कहा गया है “जो चुराएगा, वही चुकाएगा!”
क्या है नया नियम?
| पहले क्या होता था? | अब क्या होगा? |
|---|---|
| कई बड़े संस्थान बिना मीटर के पानी लेते थे | अब मीटर न हो तो भी सीवेज के हिसाब से बिल बनेगा |
| बहुत सारा पानी इस्तेमाल कर बिल नहीं भरते थे | जितना सीवेज छोड़ा जाएगा, उतना पानी माना जाएगा |
| कम टैक्स आता था | सरकार को मिलेगा सैकड़ों करोड़ का टैक्स |
क्यों जरूरी था यह फैसला?
दिल्ली में हर साल हजारों करोड़ लीटर पानी चोरी हो जाता है. बड़े होटल, मॉल और निजी संस्थान बिना वैध कनेक्शन के टैंकर मंगवाते हैं और बिल नहीं भरते. इससे सरकार को हर साल करोड़ों का नुकसान होता है. अब जब सीवेज के आधार पर बिल बनेगा तो कोई भी बच नहीं सकेगा. जल मंत्री ने बताया कि जल्द ही इन संस्थानों की सीवेज डिस्चार्ज मॉनिटरिंग शुरू कर दी जाएगी.
क्या होगा फायदा?
दिल्ली सरकार का यह कदम पानी की किल्लत से जूझती राजधानी के लिए बेहद जरूरी और समय पर लिया गया फैसला माना जा रहा है. यह न सिर्फ जल संरक्षण की दिशा में एक मजबूत पहल है, बल्कि उन लोगों को भी सीधा संदेश है जो वर्षों से सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर रहे थे. अब दिल्ली में हर बूंद की कीमत तय होगी और हर गंदे पानी की निकासी का हिसाब लिया जाएगा.
