वृश्चिक राशि को आज के दिन जल और जानवर से है खतरा, बचने के लिए करें ये उपाय
- May 12, 2025
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Last Updated:May 12, 2025, 00:06 IST vrishchik rashifal in hindi: आज तमाम परेशानियों की वजह से वृश्चिक राशि के जातक चिंतित रह सकते हैं. यह सब योग होने
Last Updated:May 12, 2025, 00:06 IST vrishchik rashifal in hindi: आज तमाम परेशानियों की वजह से वृश्चिक राशि के जातक चिंतित रह सकते हैं. यह सब योग होने
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दरभंगा: आज 12 मई 2025 को वृश्चिक राशि वालों का दिन कैसा रहेगा और इस बारे में ज्योतिषीय गणना क्या कहती है. क्या आज का दिन रहेगा शुभकारक या फिर मिलेगी कोई अशुभ सूचना. आज के दिन कोई ग्रह का दोष या फिर कुंडली में खोट है इसकी जानकारी भी आपको देंगे. इन समस्याओं का उपाय क्या है इस भी शुभ और अशुभ कारणों के साथ ही इसके निदान के बारे में हम आपको कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर ज्योतिष विभाग के विभागअध्यक्ष , डॉक्टर कुणाल कुमार झा के जरिए जानकारी देंगे.
डॉक्टर कुणाल कुमार झा बतातें हैं कि आज सोमवार का दिन यानी 12 मई 2025 को वृश्चिक राशि वालों के लिए बेवजह खर्च का योग बन रहा है. आज के दिन वृश्चिक राशि के जातकों के ऊपर जानवरों के हमले जैसे खतरे हो सकते हैं. ऐसे में खासतौर से खेत और जंगलों में काम करने वाले लोग सतर्क रहें. इसके अलावा बाकी लोगों को भी बहुत सावधान रहने की जरूरत है.
सेहत से जुड़ी हो सकती हैं ये दिक्कतें
इस राशि के लोगों को पेशाब से संबंधित परेशानियां या बीमारियां हो सकती हैं और साथ में जला घात जैसे योग भी बना रहे हैं अर्थात जल से आघात पहुंचने की आशंका भी है. वृश्चिक राशि के जातकों को गठिया रोग होने की भी आशंका है. इस जातक के लोगों को पेट से संबंधित पीड़ा भी हो सकती है. यह सब पीड़ा कारक योग आज के दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बन रहे हैं. इसके साथ ही धन, पुत्र पक्ष में भी ह्रास कारक योग बन रहे हैं. इन सभी परेशानियों की वजह से आज के दिन वृश्चिक राशि के जातक शोकाकुल रहेंगे. यह सब योग होने के बावजूद भी विजय प्राप्ति कारक योग बन रहा है. अर्थात किसी वाद विवाद में या न्यायालय में चल रहे मामले में सफलता की प्राप्ति होगी.
इसलिए अशुभ तत्व जन्य शांति के लिए दुर्गा सप्तशती का संपूर्ण पाठ या कम से कम दुर्गा सप्तशती का चतुर्थ अध्याय का पाठ करना लाभ कारक होगा. वाल्मीकि कृत्र सुंदरकांड का पाठ और गाय के दूध से सूर्य देव को अर्घ प्रदान करना श्रेष्ठ होगा. इसके साथ ही दुर्गा जी की आराधना करने से अशुभ तत्वों में कमी होगी और विजय की प्राप्ति होगी.
