BTech Admission : आज के दौर में इंजीनियरिंग मशीन और कोडिंग तक सीमित नहीं रह गई है. अब इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को फाइनेंशियल सेक्टर भी हाथों-हाथ ले रहा है. फाइनेंशियल इंजीनियरिंग ऐसा फील्ड बन गया है, जहां टेक्निकल स्किल्स और फाइनेंस की समझ रखने वाले युवाओं की जबरदस्त डिमांड है. साल 2024 के प्लेसमेंट सीजन में इसका जबरदस्त उदाहरण देखने को मिला, जब IIT Bombay के एक स्टूडेंट को ₹3.7 करोड़ का इंटरनेशनल पैकेज ऑफर किया गया. यह पैकेज फाइनेंशियल इंजीनियरिंग रोल के लिए था. जिसे हेज फंड जीन स्ट्रीट (Hedge Fund Jane Street) ने ऑफर किया था.
क्यों बढ़ रही है डिमांड?
आज के हाई-स्पीड फाइनेंशियल मार्केट्स में डेटा एनालिसिस, रिस्क मैनेजमेंट और फाइनेंशियल मॉडलिंग के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट्स की जरूरत है. यही वजह है कि इन्वेस्टमेंट बैंक्स, हेज फंड्स और फाइनेंशियल सर्विस फर्म्स IITs और अन्य टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों से सीधे फाइनेंशियल इंजीनियरिंग प्रोफाइल्स के लिए हायर कर रही हैं.
करियर स्कोप:
- क्वांट एनालिस्ट
- इन्वेस्टमेंट बैंकर
- फाइनेंशियल एनालिस्ट
- हेज फंड एनालिस्ट
- रिस्क मैनेजर
फाइनेंशियल इंजीनियरिंग के लिए प्रमुख बीटेक कॉलेज
| कॉलेज का नाम |
हाईएस्ट पैकेज (2024-25) |
औसत पैकेज |
| IIT बॉम्बे |
₹3.67 करोड़ |
₹23.5 लाख |
| IIT मद्रास |
₹4.3 करोड़ |
जानकारी उपलब्ध नहीं |
| IIT दिल्ली |
₹1.5 करोड़+ |
36.9 लाख रुपये प्रति वर्ष |
| IIT कानपुर |
₹5.5 करोड़ |
26.27 लाख प्रति वर्ष |
BTech की वो ब्रांचेस, जिनसे फाइनेंशियल इंजीनियरिंग रोल में जाते हैं
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE)
क्यों?
क्योंकि फाइनेंशियल इंजीनियरिंग में डेटा एनालिसिस, प्रोग्रामिंग (Python, R, C++), मशीन लर्निंग और ट्रेडिंग अल्गोरिदम डेवलपमेंट का बड़ा रोल है.
CSE स्टूडेंट्स के पास ये स्किल्स पहले से होती हैं.
मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग (M&C)
क्यों?
क्वांट, फाइनेंशियल मॉडलिंग, और डेटा-स्ट्रक्चर/अल्गोरिद्म की स्ट्रॉन्ग बेस होने के कारण ये स्टूडेंट्स सबसे ज्यादा प्रेफर किए जाते हैं.
IITs में इस ब्रांच के स्टूडेंट्स को टॉप क्वांट और HFT कंपनियां हायर करती हैं.
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
क्यों?
इस ब्रांच के स्टूडेंट्स की एनालिटिकल स्किल्स, प्रोग्रामिंग नॉलेज और सॉलिड मैथ्स बैकग्राउंड होता है.
फाइनेंशियल फर्म्स इन्हें ट्रेडिंग अल्गो डेवलपमेंट और रिस्क मैनेजमेंट प्रोफाइल के लिए पसंद करती हैं.
इंजीनियरिंग फिजिक्स/ अप्लाइड मैथमेटिक्स
क्यों?
क्योंकि इनका मैथ्स और प्रोग्रामिंग का कॉम्बिनेशन मजबूत होता है.
इन प्रोफाइल्स में प्रायबिलिटी, स्टैटिस्टिक्स, डिफरेंशियल इक्वेशन, डेटा एनालिसिस का बहुत यूज़ होता है, जिसमें ये स्टूडेंट्स माहिर होते हैं.
क्या बाकी ब्रांच के स्टूडेंट्स जा सकते हैं?
हां, लेकिन उन्हें एक्स्ट्रा स्किल्स सीखनी होंगी-
- Python, R या MATLAB प्रोग्रामिंग
- स्टैटिस्टिक्स और क्वांट फाइनेंस
- फाइनेंशियल मार्केट्स और इन्वेस्टमेंट बैंक्स का बेसिक
- SQL और डेटा एनालिटिक्स
- अल्गो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स का एक्सपीरियंस (जैसे QuantConnect, Kite API)