बायोलॉजी में 96.6% अंक, MP में सेकंड टॉपर… अब नीट में भी दिखाएंगी अपनी धाक!
- May 9, 2025
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सतना. एमपी बोर्ड 2025 के नतीजे मंगलवार को घोषित हुए, जिसमें सतना जिले के कोठी क्षेत्र के एक छोटे से गांव दीदौंध की छात्रा दीपिका सिंह बघेल ने
सतना. एमपी बोर्ड 2025 के नतीजे मंगलवार को घोषित हुए, जिसमें सतना जिले के कोठी क्षेत्र के एक छोटे से गांव दीदौंध की छात्रा दीपिका सिंह बघेल ने
सतना. एमपी बोर्ड 2025 के नतीजे मंगलवार को घोषित हुए, जिसमें सतना जिले के कोठी क्षेत्र के एक छोटे से गांव दीदौंध की छात्रा दीपिका सिंह बघेल ने बायोलॉजी विषय में 96.6% अंक प्राप्त कर प्रदेशभर में दूसरा स्थान हासिल किया. दीपिका वेंकट क्रमांक 1 स्कूल की छात्रा हैं और उन्होंने अपनी कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास से इस बड़ी उपलब्धि को हासिल किया.
खुशी से झूम उठा दीपिका का परिवार
जब लोकल 18 की टीम दीपिका के राजेन्द्र नगर स्थित आवास पर पहुंची, तो वहां का माहौल जश्न में डूबा हुआ था. दीपिका ने बातचीत में बताया कि उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ अपनी सेहत, नींद और मनोरंजन का भी पूरा ध्यान रखा. उनका मानना है कि एक बैलेंस शेड्यूल ही सफलता की कुंजी है.
पहले भी रह चुकी हैं डिस्ट्रिक्ट टॉपर
गौरतलब है कि दीपिका इससे पहले भी क्रिस्टकुला स्कूल सतना में आईसीएससी बोर्ड के अंतर्गत कक्षा 10वीं में 98.6% अंकों के साथ ज़िले की टॉपर रह चुकी हैं. उनका सपना डॉक्टर बनने का है और इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने 11वीं में एमपी बोर्ड की ओर रुख किया. दीपिका ने कहा कि एमपी बोर्ड का कोर्स तुलनात्मक रूप से सरल होता है, लेकिन प्रतियोगिता यहां भी कम नहीं.
डिजिटल संसाधनों और लाइब्रेरी का भरपूर उपयोग
दीपिका ने पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी. उन्होंने इंटरनेट का इस्तेमाल सिर्फ ऑनलाइन कोचिंग और नीट की तैयारी के लिए किया. लाइब्रेरी में जाकर पढ़ाई करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था. वह 10 से 12 घंटे रोज पढ़ाई करती थीं.
परिवार और शिक्षकों का मिला भरपूर समर्थन
दीपिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और परिवार को दिया. उन्होंने बताया कि टीचर्स ने हर स्टेप पर उनका मार्गदर्शन किया और डाउट्स क्लियर करने में सहयोग किया. उनके पिता दीपक सिंह बघेल ने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि उनकी बेटी की मेहनत रंग लाई और पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है. दादा-दादी, चाचा-चाची और बुआ ने हमेशा दीपिका को प्रोत्साहित किया.
शिक्षक दादा और प्रेरणादायक माँ
दीपिका के दादा भानु प्रताप सिंह खुद शिक्षक रह चुके हैं और उन्होंने दीपिका को कक्षा 8वीं-9वीं तक पढ़ाया. वे हमेशा उसे पढ़ाई के लिए प्रेरित करते रहे. माँ ऋतु सिंह ने कहा कि जब बच्चे आगे बढ़ते हैं तो पूरा परिवार आगे बढ़ता है. अब परिवार के अन्य बच्चों को भी दीपिका से प्रेरणा मिलेगी.
छोटे भाई की प्यारी शरारत और बड़ा गर्व
कक्षा 8वीं का छात्र दीपिका का छोटा भाई हर्षदीप सिंह ने मज़ाकिया लहजे में कहा कि दीदी उसके साथ बाहर खेलने नहीं जाती थीं क्योंकि वह हर समय पढ़ती थीं, लेकिन अब उसकी मेहनत देखकर वह बहुत खुश है.
नीट आगे का लक्ष्य
दीपिका अब नीट की परीक्षा की तैयारी कर रही हैं और उनका लक्ष्य एक सफल डॉक्टर बनना है. दीपिका की दादी ने कहा कि परिवार को भरोसा है कि जैसे उसने बोर्ड परीक्षा में झंडे गाड़े, वैसे ही नीट में भी सफलता पाएगी.
