श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के पास मोरजडंखारी में पंजाब आयुर्वेदिक एंड मेडिकल कॉलेज स्थित है. इसकी स्थापना 2008 में हुई थी. यहां निशुल्क चिकित्सा शिविर के साथ-साथ गरीबों का फ्री ईलाज भी किया जाता है. वेसे तो राजस्थान में कई अन्य मेडिकल कॉलेज भी हैं लेकिन, पंजाब आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज में काफी सुविधाएं हैं. इस वजह से यहां बीकानेर, जयपुर, अलवर हनुमानगढ, चुरु और जोधपुर सहित अलग-अलग जिलों के छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं. यहां जल्द ही आयुर्वेद के नए कोर्स भी शुरु किए जाने की तैयारी है.
कॉलेज में हॉस्टल, लाइब्रेरी और स्पोर्ट्स ग्राउंड की सुविधा उपलब्ध है. हॉस्टल में स्टूडेंट्स के लिए अलग-अलग आवास की व्यवस्था होती है. यहां भोजन की भी व्यवस्था उपलब्ध है. लाइब्रेरी में स्टूडेंट्स को पढ़ने के लिए किताबें और अन्य संसाधन मिलते हैं और स्पोर्ट्स ग्राउंड में वे विभिन्न खेल गतिविधियों में भी भाग ले सकते हैं.
डायरेक्टर पल्लवी अरोड़ा ने बताया की अब कॉलेज में आयुर्वेदिक पद्धति के पंचकर्म से इलाज की सुविधा भी है. ऐसे में यहां आसपास रहने वालों को आयुर्वेदिक इलाज के लिए कई किलोमीटर दूर स्थित आयुर्वेद भवन नहीं जाना पड़ेगा. उन्होंने बताया कि आमजन की सुविधा के लिए आयुष मंत्रालय की तरफ से 24 घंटे ओपीडी की सेवाएं शुरू की गई थी. अब तक हजारों से ज्यादा मरीज लाभ ले चुके हैं. इसके साथ ही पंचकर्म की सुविधा में भी इसमें है.
यहां मोटापा, स्त्री रोग, अनिद्रा, चर्म और बाल रोग सहित विभिन्न रोगों का इलाज किया जा रहा है. आयुष विभाग में निशुल्क स्वर्णप्राशन कार्यक्रम में बच्चों को स्वर्ण बिंदु प्राशन करवाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा रही है. इन सुविधाओं से श्रीगंगानगर के आसपास के लोगों को काफी फायदा हो रहा है.