पंखे के कारण अस्पताल में बढ़ रहे हैं मरीज, रोहतास के सिविल सर्जन ने बताया उपाय
- May 7, 2025
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Last Updated:May 07, 2025, 20:59 IST Rohtas news in hindi today: सदर अस्पताल प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें और इलाज
Last Updated:May 07, 2025, 20:59 IST Rohtas news in hindi today: सदर अस्पताल प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें और इलाज
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रोहतास: इन दिनों मौसम ने करवट बदला है. दिन में जहां तेज धूप और उमस से राहत पाना मुश्किल हो रहा है वहीं रात में हल्की ठंडक से मौसम और भी अनिश्चित हो गया है. इस बदलाव के बीच लोग पंखे और एसी की हवा में राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह आदत अब सेहत के लिए खतरे की घंटी बन गई है.
सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने बताया कि तेज पंखे की हवा शरीर के तापमान को असंतुलित कर देती है, जिससे बुखार, खांसी, जुकाम और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इस मौसम में पंखे या एसी की सीधी हवा का असर शरीर के अंदरूनी तापमान पर पड़ता है, जिससे वायरल संक्रमण और अन्य बीमारी तेजी से फैल रही है.
उन्होंने बताया कि तेज पंखे की हवा जो शरीर पर सीधे पड़ती है वह वातावरण से शरीर को ठंडा करने में मदद नहीं करती बल्कि उल्टा शरीर की गर्मी को बाहर नहीं जाने देती. इसका असर सीधे फेफड़ों पर पड़ता है, जिससे संक्रमण का खतरा और भी बढ़ जाता है. इस कारण अस्पताल में खांसी, बुखार, सर्दी और जुकाम के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है.
डॉ. रंजन ने लोगों को खासतौर पर सलाह दी कि इस मौसम में पंखे की सीधी हवा से बचें. घर में पंखे को इस तरह से लगाएं कि वह सीधे शरीर पर न पड़े और ठंडा पानी या फ्रिज का खाना खाने से परहेज करें. उन्होंने बताया कि छोटे बच्चे और बुजुर्गों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है और वे जल्दी बीमार हो सकते हैं. दोपहर के समय 11 बजे से 3 बजे तक की तेज धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह भी डॉ. रंजन ने दी.
इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए दिनभर तरल पदार्थों जैसे नींबू पानी, नारियल पानी और ताजे जूस का सेवन करते रहें. इससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और गर्मी का असर कम होता है.
सदर अस्पताल प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करें और इलाज में देरी न करें. जल्द इलाज से किसी भी वायरल संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है और गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है.
