साले-ससुर का संबंध राहु ग्रह से, जानें कौन से ग्रह का किस रिश्ते से है संबंध
- May 6, 2025
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ग्रह-नक्षत्र का ना केवल हमारे व्यवहार, पर्सनल व प्रफेशनल लाइफ बल्कि रिश्तों नातों पर भी इनका प्रभाव बना रहता है. जब किसी परिजन या रिश्तेदार से खास रिश्ते
ग्रह-नक्षत्र का ना केवल हमारे व्यवहार, पर्सनल व प्रफेशनल लाइफ बल्कि रिश्तों नातों पर भी इनका प्रभाव बना रहता है. जब किसी परिजन या रिश्तेदार से खास रिश्ते
ग्रह-नक्षत्र का ना केवल हमारे व्यवहार, पर्सनल व प्रफेशनल लाइफ बल्कि रिश्तों नातों पर भी इनका प्रभाव बना रहता है. जब किसी परिजन या रिश्तेदार से खास रिश्ते बनते हैं तो उसमें भी ग्रहों का प्रभाव रहता है. वहीं जब किसी रिश्तेदार या परिजन से संबंध खराब होते हैं तो उसका भी ग्रह-नक्षत्र से संबंध होता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब ग्रह-नक्षत्र की चाल बदलती है, तब उसका प्रभाव व्यक्ति की लाइफ स्टाइल, व्यवहार, रिश्ते-नाते आदि सभी चीजों पर पड़ता है. आइए जानते हैं कौन सा ग्रह किस रिश्ते का प्रतिनिधित्व करता है…
सूर्य ग्रह
ग्रहों के राजा सूर्य का संबंध पिता, पिता के बड़े भाई यानी ताऊ और पूर्वजों से है.
चंद्रमा ग्रह
ग्रहों की रानी चंद्रमा का संबंध माता और मौसी से है.
मंगल ग्रह
ग्रहों के सेनापति मंगल का संबंध भाई और मित्र से होता है.
बुध ग्रह
ग्रहों के राजकुमार बुध ग्रह का संबंध बहन, बेटी, बुआ, साली, मामा-मानी और पूरा ननिहाल पक्ष.
गुरु ग्रह
देवताओं के गुरु बृहस्पति का संबंध पिता, दादा, गुरु, देवता. वहीं महिलाओं की कुंडली में इसे पति का प्रतिनिधित्व करता है.
शुक्र ग्रह
शुक्र ग्रह का संबंध पति या पत्नी से मिलता है.
शनि ग्रह
शनि ग्रह का संबंध चाचा, मामा, सेवक और नौकरी से है.
राहु ग्रह
ज्योतिष में राहु को छाया ग्रह माना गया है और इनका संबंध साला और ससुर से है. हालांकि दादा को राहु का प्रतिनिधित्व प्राप्त होता है.
केतु ग्रह
राहु की तरह ज्योतिष में केतु को भी छाया ग्रह माना गया है और इनका संतान से संबंध है. वहीं नाना को इस ग्रह का प्रतिनिधि माना जाता है.
लाल किताब में बताया गया है कि कुंडली में ग्रहों को अनुकूल बनाने के लिए रिश्तों को मजबूत करना जरूर है. रिश्ते मजबूत होंगे तब ही ग्रह अनुकूल रहेंगे और शुभ प्रभाव देंगे. कुंडली में 12 भाव होते हैं और हर भाव किसी ना किसी रिश्ते का प्रतिनिधित्व करता है. अगर कुंडली में कोई अनुकूल नहीं है अर्थात कमजोर अवस्था में है तो उस ग्रह से संबंधित रिश्तों को मजबूत करें तो ग्रह भी मजबूत होंगे. वहीं अगर कोई रिश्ता बिगड़ रहा या फिर किसी गलतफहमी की वजह से रिश्तों में तनाव आ रहा है तो उस रिश्ते से जुड़े ग्रह के उपाय करने से रिश्ते को मजबूत किया जा सकता है. यानी अगर बहन के जीवन में कोई समस्या चल रही है तो बुध ग्रह से संबंधित कोई उपाय करेंगे तो उनके जीवन में समस्याएं कम होंगी.
