क्या आपके आम भी समय से पहले गिर रहे हैं? हो सकता है ये कीट हो जिम्मेदार!
- May 5, 2025
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Last Updated:May 05, 2025, 17:28 IST Mango caterpillar attack: गुजरात समेत देश के कई राज्यों में आम की फसल पर रेड बैंडेड मैंगो कैटरपिलर का हमला हो रहा
Last Updated:May 05, 2025, 17:28 IST Mango caterpillar attack: गुजरात समेत देश के कई राज्यों में आम की फसल पर रेड बैंडेड मैंगो कैटरपिलर का हमला हो रहा
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आम की फसल पर कीट हमला
गुजरात समेत देश के कई हिस्सों में आम की खेती किसानों की आमदनी का अहम जरिया है. लेकिन अब मौसम का मिजाज और हवा में हो रहे बदलाव किसानों के लिए नई परेशानी बनते जा रहे हैं. खासकर आम की फसल पर कीटों का हमला बहुत तेजी से बढ़ा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है.
रेड बैंडेड मैंगो कैटरपिलर कर रहा है हमला
इन दिनों ‘रेड बैंडेड मैंगो कैटरपिलर’ नाम का एक खतरनाक कीट आम के फलों को बर्बाद कर रहा है. इसका वैज्ञानिक नाम डीनोलिस सब्लिमबैलिस है. ये कीट खासतौर पर गर्मियों में कच्चे आमों पर हमला करता है. यह कीड़ा फल के अंदर सुरंग बनाता है और उसके अंदर के हिस्से को खा जाता है, जिससे फल समय से पहले गिर जाते हैं और उनका रंग काला या भूरा हो जाता है. ऐसे फल बाजार में बिकने लायक नहीं रहते.
30 से 50% तक फसल को नुकसान
इस कीट का असर इतना ज्यादा है कि किसान अपनी आधी से ज्यादा फसल गंवा देते हैं. जिला उद्यान अधिकारी मृत्युंजय सिंह बताते हैं कि इस कीट की वजह से आम की पैदावार में 30 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट आ रही है. इससे किसानों की कमाई घट रही है, खराब फल बेकार हो जाते हैं और लाखों का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. लागत तक नहीं निकल पाती.
ऐसे पहचानें कीट के लक्षण
अगर आपके बाग में आम के कच्चे फल जल्दी गिरने लगे, उनके ऊपर काले या भूरे धब्बे दिखें, या उनमें छोटे-छोटे छेद नजर आएं, तो सावधान हो जाइए. यह संकेत है कि फल पर रेड बैंडेड कैटरपिलर का हमला हो चुका है. कई बार फल को तोड़ने पर उसके अंदर लाल-भूरी रंग की इल्ली भी दिखाई देती है.
नुकसान से बचने के उपाय क्या हैं?
इस कीट पर काबू पाने के लिए जिला उद्यान अधिकारी ने कुछ आसान और असरदार उपाय बताए हैं. उन्होंने किसानों से कहा कि वे अपने बाग में रात के समय प्रकाश जाल (लाइट ट्रैप) लगाएं, जिससे कीट आकर्षित होकर फंस जाएं. साथ ही क्लोरोसाइपर (1 मि.ली./लीटर पानी) और इमामेक्टिन बेंजोएट (0.5 मि.ली./लीटर पानी) का छिड़काव हर 8 से 10 दिन के अंतर पर करें.
संक्रमित फलों को तुरंत हटाएं
जिन फलों में कीट का असर दिखाई दे, उन्हें तुरंत पेड़ से तोड़कर नष्ट कर देना चाहिए, ताकि कीट का फैलाव न हो. इसके अलावा पेड़ों की समय-समय पर छंटाई करें और बाग में साफ-सफाई बनाए रखें. ऐसा करने से कीड़े को छिपने की जगह नहीं मिलेगी और फसल सुरक्षित रहेगी.
जैविक उपाय भी हैं कारगर
कीटनाशकों के साथ-साथ जैविक उपाय भी काफी असरदार हैं. ट्राइकोग्रामा नाम के परजीवी कीड़ों का उपयोग करके रेड बैंडेड कैटरपिलर पर काबू पाया जा सकता है. साथ ही नीम आधारित जैविक कीटनाशक भी मददगार होते हैं. ये उपाय पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना कीट को खत्म करते हैं.
