आधी रात को कांपने लगी धरती, हिलने लगे पंखे-पलंग, भूंकप से हिला पूरा मध्य भारत
- May 4, 2025
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Last Updated:May 04, 2025, 07:07 IST Madhya Pradesh Bhukamp Update: मध्य प्रदेश के बेतूल जिले में आधी रात के बाद भूकंप आने से हड़कंप मच गया. Madhya Pradesh
Last Updated:May 04, 2025, 07:07 IST Madhya Pradesh Bhukamp Update: मध्य प्रदेश के बेतूल जिले में आधी रात के बाद भूकंप आने से हड़कंप मच गया. Madhya Pradesh
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Madhya Pradesh Bhukamp Update: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई में शनिवार देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. इसकी वजह से आधी रात हो इलाके में हड़कंप मच गया. रिएक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.8 मापी गई है. स्थानीय लोगों ने बताया कि घरों में रखे बर्तन, पंखे और फर्नीचर हिलने लगे, जिसके बाद डर के मारे लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. खासकर इंदिरा गांधी वार्ड में कंपन का असर ज्यादा महसूस किया गया.
भूकंप का केंद्र मुलताई से कुछ किलोमीटर दूर जमीन के अंदर बताया जा रहा है. हालांकि, इस हल्की तीव्रता के भूकंप से किसी तरह के नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है. ताजा जानकारी के अनुसार, भूकंप रात के 9 बजकर 30 मिनट पर आई थी. मुलताई के एक स्थानीय निवासी रमेश वर्मा ने बताया, ‘अचानक कंपन शुरू हुआ और घर के समान जैसे सोफा, फ्रिज और पलंग हिलने लगे. हम डर गए और तुरंत बाहर भागे.’
क्यों आया भूकंप
जूलॉजिकल स्टडी ऑफ इंडिया के डायरेक्टर सत्येंद्र सिंह के अनुसार, बैतूल सेंट्रल इंडिया टेक्टोनिक जोन में आता है, जहां टेक्टोनिक डिस्टर्बेंस के कारण छोटे-मोटे भूकंप की संभावना रहती है. उन्होंने बताया कि बारिश के बाद बेसाल्टिक क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं हो सकती हैं, लेकिन अगर यह टेक्टोनिक एक्टिविटी का नतीजा है, तो भविष्य में बड़ी गतिविधि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
एक्शन में प्रशासन
प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है. बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि प्रशासनिक अमला भूगर्भ विशेषज्ञों की राय ले रहा है और जल्द ही आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी. फिलहाल, लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय अधिकारियों को दें.
म्यांमार की यादें ताजा
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में 28 मार्च को म्यांमार में 7.7 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसमें हजारों लोगों की जान गई थी. वैज्ञानिकों ने हिमालय क्षेत्र में भी बड़े भूकंप की चेतावनी दी है. बैतूल में पिछले साल सितंबर में भी 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके बाद से इलाके में भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. प्रशासन ने लोगों से भूकंपरोधी उपाय अपनाने और आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है.
