झांसी: “तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख!”- ये डायलॉग अब सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज परिसर में बन रहे 500 बेड के अस्पताल की असलियत बन चुका है. करीब 11 साल पहले शुरू हुआ ये प्रोजेक्ट अब तक अधूरा है. निर्माण कार्य की रफ्तार इतनी धीमी रही कि मण्डलायुक्त को खुद मोर्चा संभालना पड़ा. उन्होंने एक के बाद एक तारीखें तय कर दीं कि किस दिन कौन-सा फ्लोर हैंडओवर होगा. लेकिन नतीजा वही—अस्पताल की इमारत अब भी अधूरी खड़ी है और जिम्मेदार अफसर या तो मौके से नदारद हैं या फिर कारणों की लंबी सूची लिए बैठे हैं.
सुस्त रफ्तार में चल रहा निर्माण कार्य
दरअसल, मण्डलायुक्त ने अस्पताल के निर्माण कार्य में लापरवाही और सुस्त रफ्तार को देखते हुए इसे तीन चरणों में हैंडओवर करने की रणनीति बनाई थी. इसके तहत तय किया गया कि 18 अप्रैल को ग्राउंड फ्लोर, 25 अप्रैल को फर्स्ट फ्लोर और 2 मई को थर्ड फ्लोर हैंडओवर किया जाएगा. इन सभी तारीखों की आधिकारिक घोषणा के बावजूद अब तक किसी एक भी फ्लोर का हैंडओवर नहीं हुआ है. 18 अप्रैल को पहला निरीक्षण तय था, लेकिन किसी कारणवश वह हो नहीं सका. इसके बाद 29 अप्रैल की तारीख तय हुई, लेकिन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य जिले से बाहर थे, जिस वजह से निरीक्षण फिर टालना पड़ा.
अब तय होगी नई तारीख
वहीं, मंडलायुत ने जब 29 अप्रैल को शाम 5 बजे निरीक्षण का समय निर्धारित किया गया था. सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे समय से मौके पर मौजूद रहें. लेकिन निरीक्षण से पहले सूचना मिली कि प्राचार्य शहर से बाहर हैं. इसके बाद निरीक्षण रद्द करना पड़ा. अब एक बार फिर निरीक्षण ने लिए नई तारीख तय की जाएगी.
3 मई तक पूरा करने का आदेश
हालांकि मण्डलायुक्त ने साफ निर्देश दिए हैं कि 3 मई तक हर हाल में अस्पताल पूरी तरह तैयार हो जाए. उन्होंने निर्माण एजेंसी को फाइनल डेडलाइन दे दी है, लेकिन जिस रफ्तार से काम हो रहा है और हर बार निरीक्षण से पहले कोई न कोई अड़चन सामने आ जाती है, उससे ये कहना मुश्किल है कि काम वाकई समय पर पूरा होगा.