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विदेशी मेहमानों के साथ जोधपुर में चल रहा था 'गोलमाल', पुलिस ने मुखिया को पकड़ा

  • May 1, 2025
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Last Updated:May 01, 2025, 17:33 IST जोधपुर में बैठकर ये साइबर ठग अमेरिका के लोगों का पर्सनल डाटा चोरी कर रहे थे. पुलिस को रातानाडा गणेश मंदिर क्षेत्र

विदेशी मेहमानों के साथ जोधपुर में चल रहा था 'गोलमाल', पुलिस ने मुखिया को पकड़ा

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जोधपुर में बैठकर ये साइबर ठग अमेरिका के लोगों का पर्सनल डाटा चोरी कर रहे थे. पुलिस को रातानाडा गणेश मंदिर क्षेत्र में इस फर्जी कॉल सेंटर के होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद मंगलवार रात यहां छापेमारी की कार्रव…और पढ़ें

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हर रात अमेरिका में बजती थीं साइबर ठगी की घंटियां

हाइलाइट्स

  • जोधपुर पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह पकड़ा.
  • गिरोह अमेरिका के बुजुर्गों का डेटा बेचता था.
  • 32 सीपीयू, 28 लैपटॉप, 11 मोबाइल जब्त.

जोधपुर:- रातानाडा थाना पुलिस ने भाटी चौराहा स्थित गणेश मंदिर रोड पर विदेशी नागरिकों का निजी डाटा चुराकर बेचने वाले गिरोह को पकड़ा. यह गिरोह कॉल सेंटर के जरिए ठगी करता था. पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया. देर रात 11.30 बजे पुलिस ने दबिश देकर कार्रवाई को, जो 15 घंटे तक चली. कॉल सेंटर से 32 सीपीयू, 8 मॉनिटर, 28 लैपटॉप, 19 पेनड्राइव व 11 मोबाइल जब्त किए गए. पुलिस की साइबर टीम पड़ताल कर रही है.

अमेरिकी लोगों का चुरा रहे थे डाटा
पुलिस सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, जोधपुर में बैठकर ये साइबर ठग अमेरिका के लोगों का पर्सनल डाटा चोरी कर रहे थे. पुलिस को रातानाडा गणेश मंदिर क्षेत्र में इस फर्जी कॉल सेंटर के होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद मंगलवार रात यहां छापेमारी की कार्रवाई शुरू हुई.

बुजुर्गों के डेटा करते थे सेल
एसीपी कलाल ने बताया कि कॉल सेंटर संचालक अमेरिका के बुजुर्गों के निजी डेटा एकत्र कर दूसरी कंपनियों को बेचता था. इसके एवज में मिलने वाले डॉलर से डिजिटल एसेट के रूप में क्रिप्टो करेंसी खरीदी जाती है. वहां मौजूद कंप्यूटर से इस बात की जानकारी भी मिली है. एक सॉफ्टवेयर में बुजुर्गों के मोबाइल नंबर डालकर उससे मिलने वाला डेटा आगे कंपनियों को बेचते हैं.


रात 10 बजे खुलता, रोजाना 25 हजार नम्बर सर्च करते
एसआइ भंवरसिंह ने बताया कि आरोपी विभिन्न वेबसाइटों से सिर्फ अमरीकन नागरिकों के डाटा हासिल करते हैं. फिर इनमें से वर्किंग मोबाइल नम्बर तलाशते हैं, जिसे फिल्टर करना कहते हैं. फिल्टर करने के लिए एक डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रतिदिन 3-4 हजार नम्बर सर्च करता है. उस पर कॉल या मैसेज व अन्य तरीकों से पता लगाते हैं कि नम्बर चालू है या नहीं. चूंकि अमरीकन नागरिकों के डाटा हासिल किए जाते हैं, इसलिए कॉल सेंटर रात 10 बजे खुलता और रातभर चलता था. रोज के 20-25 हजार नम्बर फिल्टर करते थे.


10 पैसे प्रति डाटा-नम्बर बेचते
पुलिस का कहना है कि कॉल सेंटर संचालक सौभाग सिंह के सम्पर्क में देश व विदेश में बैठे साइबर ठग गिरोह हैं. जिन्हें प्रति डाटा नम्बर दस पैसे में बेचे जाते थे. राशि ऑनलाइन खाते में जमा होती थी. ठग गिरोह इन नम्बर से साइबर ठगी करते थे. कॉल सेंटर पर कुछ समय पहले तक 30 कर्मचारी काम करते थे.


यह सामग्री हुई बरामद
पुलिस ने मौका स्थल से कई मोबाइल, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और अन्य उपकरण बरामद किए हैं. बताया गया कि गिरोह एक साल से सक्रिय था और देशभर में करोड़ों रुपए की ठगी कर चुका था. यह भी बता दें कि इससे पहले गत साल भी कमिश्ररेट की कुड़ी भगतासनी पुलिस ने सेक्टर 2 और भगत की कोठी पुलिस ने मधुबन में कॉल सेंटर पकड़ा था, जहां पर भी इसी प्रकार से ठगी की जाती थी.

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विदेशी मेहमानों के साथ जोधपुर में चल रहा था ‘गोलमाल’, पुलिस ने मुखिया को पकड़ा

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