Chitrakoot Hanuman Mandir: धर्म नगरी चित्रकूट में कई धार्मिक स्थल हैं, और सभी की अपनी अलग-अलग मान्यता है. इनमें से एक है बजरंग वाली, जहां श्रद्धा और भक्ति से की गई हनुमान स्तुति हर भक्त की मनोकामना पूरी करती है. लेकिन क्या आपने कभी हनुमान जी को तोते के मुख वाले स्वरूप में देखा है? अगर नहीं, तो इसके लिए आपको चित्रकूट के रामघाट में स्थित तोतामुखी हनुमान मंदिर में एक बार अवश्य जाना होगा.
ये है मंदिर की मान्यता
इस मंदिर की मान्यता है कि यहां गोस्वामी तुलसीदास जी को भगवान श्रीराम के दर्शन हुए थे. खास बात यह है कि ये दर्शन हनुमान जी द्वारा करवाए गए थे और उसी समय से इस स्थान पर तोते के रूप में हनुमान जी स्थापित हो गए. भक्त दूर-दूर से उनके दर्शन के लिए आते हैं और उनकी पूजा अर्चना करते हैं.
पुजारी ने दी जानकारी
मंदिर के पुजारी मोहित दास ने लोकल 18 को बताया कि यह वही पवित्र स्थान है जहां तुलसीदास जी राम नाम का जाप करते हुए भक्ति में मग्न थे. एक दिन वह चंदन घिस रहे थे, तभी भगवान श्रीराम उनके सामने आए और उनसे चंदन लगाने को कहा. लेकिन भक्ति में लीन तुलसीदास जी उन्हें पहचान नहीं पाए. इसी समय हनुमान जी ने तोते का रूप लिया और तुलसीदास जी के कान में वह अमर चौपाई सुनाई: चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़, तुलसीदास चंदन घिसैं तिलक देत रघुवीर.
इस चौपाई को सुनते ही तुलसीदास जी ने आंखें खोलीं और उन्हें भगवान श्रीराम के दर्शन हो गए. तब से यह स्थान भक्तों के लिए बहुत पूजनीय बन गया है. मंदिर में हनुमान जी को आम और बेर का भोग लगाया जाता है. मान्यता है कि यह उनका प्रिय फल है और जो भी भक्त सच्चे मन से यह भोग चढ़ाता है, उसकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं.