मिलिए 90 साल के 'कीवी मैन' सगत सिंह मेहरा से, नेपाल तक होती है तारीफ
- April 29, 2025
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Last Updated:April 29, 2025, 05:06 IST Kiwi Man Sagat Singh Mehra: सगत सिंह ने बताया कि उनकी नर्सरी में करीब 6000 ग्राफ्टेड और 15,000 बीज से उगे कीवी के
Last Updated:April 29, 2025, 05:06 IST Kiwi Man Sagat Singh Mehra: सगत सिंह ने बताया कि उनकी नर्सरी में करीब 6000 ग्राफ्टेड और 15,000 बीज से उगे कीवी के
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नैनीताल/भवाली. उम्र महज संख्या है, इसे साबित कर दिखाया है उत्तराखंड के नैनीताल जिले के भवाली के निकट निगलाट गांव के रहने वाले 90 वर्षीय सगत सिंह मेहरा ने. पूरे राज्य में ‘कीवी मैन’ के नाम से प्रसिद्ध सगत सिंह ने अपने जज्बे से कीवी की खेती को नई पहचान दी है. साल 2000 में उन्होंने कीवी के पौधे लगाने की शुरुआत की थी और आज 25 साल बाद उनकी नर्सरी से निकले पौधे नेपाल तक भेजे जा रहे हैं. सगत सिंह ने लोकल 18 को बताया कि कीवी सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर फल है. खासकर डेंगू जैसी बीमारियों में जब मरीजों के प्लेटलेट्स गिरने लगते हैं, तो कीवी का सेवन बेहद फायदेमंद साबित होता है.
उन्होंने कहा कि पहले जहां कीवी की मांग सीमित थी, वहीं आज स्वास्थ्य लाभ के चलते यह फल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. उनकी नर्सरी में फिलहाल करीब 6000 ग्राफ्टेड और 15,000 बीज से उगे कीवी के पौधे तैयार हैं. उनके तैयार किए गए पौधे न सिर्फ देश के नगालैंड, सिक्किम, मणिपुर और मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में बल्कि पड़ोसी देश नेपाल तक भेजे जा रहे हैं. नेपाल के किसान भी उनके पौधों की गुणवत्ता की सराहना कर रहे हैं. सगत सिंह ने कहा कि कीवी की खेती की खास बात यह है कि इसे पक्षी, लंगूर या बंदर नुकसान नहीं पहुंचाते, जिससे किसान बिना किसी नुकसान के अच्छी आमदनी कर सकते हैं. वे अब तक कई किसानों को कीवी की खेती के लिए प्रेरित कर चुके हैं और उन्हें पौधे तथा बीज भी उपलब्ध करा चुके हैं.
ऐसे मिला कीवी की खेती का आइडिया
सगत सिंह बताते हैं कि कीवी की खेती का विचार उन्हें निगलाट स्थित पादप आनुवांशिक संस्थान ब्यूरो केंद्र के पूर्व अधिकारी डॉ एसके वर्मा से मिला था. आज सगत सिंह एलिसन और ब्रुनो किस्म की कीवी की खेती कर रहे हैं, जो स्थानीय मंडी में 80 से 120 रुपये प्रति किलो तक बिकती है. उन्होंने बताया कि पहले कीवी 20 रुपये प्रति किलो में भी नहीं बिकती थी, लेकिन जब लोगों ने इसके गुण जाने तो यह फल बहुत ज्यादा लोकप्रिय हो गया. लोग इसकी खूब खेती करने लगे हैं और मोटा मुनाफा कमा रहे हैं. इसका प्रचलन कोरोना काल में काफी बढ़ चुका था क्योंकि कीवी का सेवन खून की प्लेटलेट्स को बनाए रखने में मदद करता है. वहीं 90 वर्ष की उम्र में सगत सिंह का खेतों में सक्रिय रहना युवा किसानों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है. सगत सिंह ने यह दिखा दिया है कि जुनून और मेहनत से किसी भी उम्र में सफलता की नई कहानी लिखी जा सकती है.
