आतंकी मौत की नींद सुलाते रहे और ये शख्स बोलता रहा 'अल्लाह हू अकबर'
- April 28, 2025
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Last Updated:April 28, 2025, 21:56 IST पहलगाम हमले का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें जब आतंकी टूरिस्टों पर गोलियां चला रहे थे तो एक जिपलाइन ऑपरेटर
Last Updated:April 28, 2025, 21:56 IST पहलगाम हमले का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें जब आतंकी टूरिस्टों पर गोलियां चला रहे थे तो एक जिपलाइन ऑपरेटर
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पहलगाम में इस जिपलाइन पर उठ रहे सवाल.
हाइलाइट्स
पहलगाम आतंकी हमले का एक दर्दनाक वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि जब आतंकवादी सैलानियों पर गोलियां बरसा रहे थे, उसी वक्त एक जिपलाइन ऑपरेटर ‘अल्लाह हू अकबर, अल्लाह हू अकबर…’ बोलता हुआ नजर आता है. हैरानी की बात यह है कि न तो उसने सैलानियों को हमले की चेतावनी दी और न ही उन्हें बचाने की कोई कोशिश की, जबकि उसे स्पष्ट रूप से हमले का अहसास हो चुका था. हम ये नहीं कह रहे कि वह आतंकियों से मिला हुआ है लेकिन जिस तरह की हरकत उसने की, उससे सवाल उठता है क्या ये शख्स भी गुनहगार नहीं?
यह जिपलाइन ऑपरेटर जिस टूरिस्ट को जिपलाइन एडवेंचर करा रहा था, उनका नाम ऋषि है. ऋषि ने उस वक्त का पूरा मामला बयां किया है. ऑपरेटर ने ऋषि को आतंकियों के बारे में कुछ भी नहीं बताया, जबकि वीडियो से साफ लग रहा है कि उसे पहली गोली चलते ही अंदेशा हो गया था कि आतंकी आ चुके हैं. ऋषि ने बताया कि जब वह जिपलाइन कर रहे थे, तब ऑपरेटर के बार-बार ‘अल्लाह हू अकबर’ बोलने पर उन्हें शक हुआ. ऋषि ने कहा, मेरे से पहले 10 लोग गए, तब उस बंदे ने कुछ नहीं कहा. जब मैं जिपलाइन कर रहा था, तब उसने तीन बार ‘अल्लाह हू अकबर’ बोला. पीछे एक और व्यक्ति उर्दू की किताब पढ़ता नजर आया.’
वीडियो में क्या दिख रहा?
वीडियो में दिख रहा कि ऑपरेटर जिपलाइन पर ऋषि को बिठाता है. ऋषि खुश नजर आते हैं. लेकिन ठीक उसी वक्त गोलियां चलने लगती हैं. ऋषि को कुछ भी पता नहीं चलता, क्योंकि उनके कान बंद हैं. मगर यह ऑपरेटर गोलियों की आवाज सुनते ही बार-बार ‘अल्लाह हू अकबर’ बोलने लगता है. ऋषि तो आगे चले जाते हैं, तभी पीछे से आतंकी लोगों को छलनी करने लगते हैं. एक के बाद एक लाशें बिछा देते हैं. अब एजेंसियों को इस शख्स पर भी शक है.
वायरल वीडियो की जांच कर रहीं एजेंसियां
ऋषि ने बताया कि जब वे अहमदाबाद लौटे, तब उन्हें इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर शक हुआ. उन्होंने कहा कि जिपलाइन ऑपरेटर और उसके साथी की गतिविधियां हमले से ठीक पहले काफी संदिग्ध थीं. ऋषि ने आशंका जताई है कि जिपलाइन ऑपरेटर और उसका साथी इस आतंकी हमले में किसी न किसी तरह से शामिल हो सकते हैं. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां वायरल वीडियो और घटनास्थल के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही हैं. सवाल यह उठ रहा है कि जब आतंकियों की गोलियों से सैलानियों के सीने छलनी हो रहे थे, तब यह व्यक्ति “अल्लाह हू अकबर” बोलकर क्या संकेत दे रहा था? क्या यह भी गुनहगार है?
