छिंदवाड़ाः मध्य प्रदेश के छिंडवाड़ा जिले की पातालकोट घाटी दुनिया भर में मशहूर है. यहां पहाड़ में 3000 फीट की गहरी घाटी में कई गांव बसे हुए हैं. जहां प्रदेश की आदिवासी जनजातियों के लोग रहते हैं. देश विदेश के लोग यहां की अद्भुत सुंदरता को देखने के लिए पहुंचते हैं. हाल ही में यूरोप के चेक गणराज्य की राजकुमारी इटका क्लेट भी छिंदवाड़ा पहुंची थीं, जहां उनकी अंगूठी गुम हो गई थी, जिसे ढूंढ़ने के एवज में उन्होंने पांच लाख का इनाम देने की बात कही थी, लेकिन आदिवासियों ने अंगूठी ढूंढ़ने के बाद भी इनाम ठुकरा दिया. कहा-हमें तो सिर्फ अपनी मेहनत का चाहिए.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, राजकुमारी इटका क्लेट यहां आयुर्वेदिक विधि से अपना इलाज करने के लिए पहुंची थीं. इलाज के बाद पातालकोट घूमने के लिए निकल गईं. आयुर्वेद के आचार्य प्रकाश इंडियन टाटा के साथ वो तामिया के छोटा महादेव के पास स्थित झरने देखने के लिए गईं, जहां उन्होंने झरने के पानी में उतरकर खूब मस्ती की. इसी बीच राजकुमारी की उंगुली से एक अंगूठी गुम गई, उन्होंने कहा कि वह उनकी सगाई की अंगूठी थी.
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5 लाख के इनाम का ऐलान
राजकुमारी अपनी बेशकीमती अंगूठी के गुम हो जाने से मायूस थीं. उन्होंने अफसरों को बताया कि उनकी अंगूठी गुम हो गई है. साथ ही अपने साथियों को भी इस बात की जानकारी दी और उसे ढूंढ़कर लाने के लिए भी कहा. साथ ही उन्होंने कहा कि जो भी उनकी अंगूठी को ढूंढ़कर लाएगा उसे पांच लाख रुपए का नगद इनाम दिया जाएगा.
आदिवासियों ने क्यों ठुकराया इनाम
राजकुमारी की अंगूठी ढूंढ़ने के लिए लोगों की टीम इकट्ठा हो गई. कड़ी मेहनत से लोग उनकी अंगूठी को ढूंढ़ने के लिए झरने में उतरे. इलाके के कुछ आदिवासी युवक भी उनके इस काम में जुट गए. लगभग 2 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद आदिवासियों ने राजकुमारी की अंगूठी ढूंढ़ निकाली, जब उन्हें इनाम देने का समय आया तो आदिवासियों ने पांच लाख लेने से इनकार कर दिया. उन्होंने सिर्फ 41 हजार रुपए लेते हुए कहा कि हमें तो सिर्फ अपनी मेहनत का ही चाहिए.