ईरान बंदरगाह धमाके में मोसाद का हाथ? मिसाइल बनाने वाला केमिकल तबाह
- April 28, 2025
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तेहरान: ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह पर शनिवार को हुए भीषण धमाके ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया! इस विस्फोट में कम से कम 40 लोगों की
तेहरान: ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह पर शनिवार को हुए भीषण धमाके ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया! इस विस्फोट में कम से कम 40 लोगों की
तेहरान: ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह पर शनिवार को हुए भीषण धमाके ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया! इस विस्फोट में कम से कम 40 लोगों की जान चली गई और 1,000 से ज्यादा घायल हुए. क्या यह सिर्फ हादसा था, या मिसाइल ईंधन से जुड़ी कोई बड़ी साजिश? उधर, इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर हवाई हमला कर हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि अमेरिका यमन में हूती विद्रोहियों पर बमबारी कर रहा है. मिडिल ईस्ट में आग लगी है, और शांति की उम्मीद मुश्किल हो रही है.
बंदर अब्बास में तबाही
ईरान के सबसे बड़े बंदरगाह शाहिद राजाई पर शनिवार सुबह एक छोटा-सा आग का गोला अचानक विनाशकारी धमाके में बदल गया. फारस न्यूज एजेंसी के एक वीडियो में दिखा कि कंटेनरों के बीच छोटी-सी आग लगी, कर्मचारी भागे, और फिर भयानक विस्फोट ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया.
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ने बताया कि धमाके की वजह बंदरगाह पर रखे खतरनाक रसायनों के कंटेनर थे, लेकिन इन रसायनों का नाम नहीं बताया. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि यह सोडियम परक्लोरेट हो सकता है, जो मिसाइलों के लिए ठोस ईंधन बनाने में इस्तेमाल होता है. धमाके से अब तक 40 लोग मारे गए, 1,000 लोग घायल हुए जिनमें 190 अभी अस्पताल में हैं. इस धमाके की तुलना बेरूत में हुए 2020 के विस्फोट से की जा रही है, जिसने भयानक तबाही मचाई थी. ईरान में हुए धमाके को सोशल मीडिया पर इजरायल की खुफिया एजेंसी के ऑपरेशन से जोड़ा जा रहा है. हालांकि ईरान ने ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
राष्ट्रपति का दौरा: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान रविवार को बंदर अब्बास पहुंचे और जांच के आदेश दिए. उन्होंने कहा, ‘हमें सच पता करना होगा.’ ईरान के अधिकारी इसे सैन्य सामग्री से जोड़ने से इनकार कर रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी और मार्च में बंदरगाह पर मिसाइल ईंधन के लिए रसायन की बड़ी खेप आई थी.
इजरायल का बेरूत पर हमला
उधर, इजरायल ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी हिस्से पर हवाई हमला किया. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने दावा किया कि हमले का निशाना हिजबुल्लाह का एक ठिकाना था, जहां सटीक मिसाइलें रखी थीं. हिजबुल्लाह ने इसपर कोई बयान नहीं दिया है.
अमेरिका की यमन पर बमबारी
अमेरिका ने 15 मार्च से यमन में हूती विद्रोहियों पर ‘ऑपरेशन रफ राइडर’ के तहत बमबारी शुरू की, जो अब तक 800 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बना चुका है. अमेरिकी सेना का दावा है कि इन हमलों में सैकड़ों हूती लड़ाके और उनके कई नेता मारे गए. हूती लाल सागर और अदन की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर हमले कर रहे हैं, जिसे रोकने के लिए अमेरिका ने यह कदम उठाया. अमेरिका का कहना है कि हूती हमलों की रफ्तार 69% कम हुई, और ड्रोन हमले 55% घटे.
