February 21, 2026
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सरगुजा की अनीता बनी कृषि सखी, पीएम मोदी के हाथों हुई सम्मानित

  • April 27, 2025
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Last Updated:April 27, 2025, 03:39 IST Agriculture Award: छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सरगुजा जिले की अनीता मोदी को कृषि सखि के रूप में पहचान मिली.

सरगुजा की अनीता बनी कृषि सखी, पीएम मोदी के हाथों हुई सम्मानित

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Agriculture Award: छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सरगुजा जिले की अनीता मोदी को कृषि सखि के रूप में पहचान मिली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया.

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कृषि

कृषि सखि 

हाइलाइट्स

  • अनीता मोदी को कृषि सखी के रूप में मिली पहचान
  • प्रधानमंत्री मोदी ने अनीता मोदी को प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित
  • जैविक खेती के प्रति किसानों को जागरूक कर रही हैं अनीता मोदी

अम्बिकापुर. छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं. इसी कड़ी में सरगुजा जिले के जामकानी में बिहान योजना ने एक ग्रामीण महिला की तकदीर बदल दी. कृषि सखी के रूप में पहचान मिली और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों प्रमाण पत्र प्राप्त करने का अवसर भी मिला. जानिए कृषि सखी अनीता मोदी की संघर्ष और सफलता की कहानी.

ऑर्गेनिक खेती और जैविक खेती की दी गई ट्रेनिंग
लोकल 18 से बातचीत के दौरान कृषि सखी अनीता मोदी ने बताया कि 2019-2020 में वह महिला स्वयं सहायता समूह में जुड़ीं. छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से गांव में कृषि सखी के पद पर कार्य करने का मौका मिला. इससे पहले कृषि विज्ञान केंद्र और अन्य सामाजिक संगठनों के माध्यम से अनीता मोदी को ऑर्गेनिक खेती और जैविक खेती के विषय में ट्रेनिंग दी गई.

जैविक खेती के प्रति प्रेरित करते हुए जागरूकता अभियान
ट्रेनिंग लेकर उन्होंने अपने गांव में किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रेरित करते हुए जागरूक किया.  अनीता मोदी ने जैविक दवाई और जैविक खाद के बारे में घर-घर जाकर किसानों को प्रैक्टिकल रूप से बताया और उनके साथ काम करना शुरू किया. फील्ड वर्क के जरिए उन्होंने किसानों को सुर्यमंडल बाड़ी धान की खेती, मिश्री विधि और लाइन विधि के बारे में बताया और खेती करने हेतु बढ़ावा दिया.

अनीता मोदी रासायनिक खाद से होने वाले नुकसान और जैविक खाद के फायदे घर-घर जाकर बताती रहीं और काम करती रहीं। नतीजा क्या हुआ, जानिए.

करती हैं गौरवान्वित महसूस
अनीता मोदी को ग्रामीण इलाके की महिला के रूप में कृषि के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जून 2024 को भारत में सबसे पहले कृषि विस्तार सहयोगी के रूप में प्रमाण पत्र दिया. यह लम्हा अनीता मोदी के लिए बेहद भावुक भरा था. पिता का साया सिर पर न होना आप समझ सकते हैं, अनीता मोदी के साथ भी ठीक वैसा ही हुआ. जब अनीता मोदी सफल हुईं, तब उनके पिता का साया नहीं रहा. लेकिन अनीता मोदी ने अपने हुनर के बल पर कृषि सखी के रूप में काम करते हुए एक अलग पहचान बनाई और मोदी के हाथों सम्मानित होकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस करती हैं.

जैविक खाद के उपयोग पर जोर
जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरगुजा की ग्रामीण इलाके की महिला को सबसे पहले कृषि विस्तार सहयोगी के रूप में प्रमाण पत्र दिया, तो अनीता मोदी सुर्खियों में छा गईं. अब सरगुजा में कृषि सखी के रूप में अपने साथ अन्य महिलाओं को रोजगार दे रही हैं और समूह के माध्यम से किसानों को यह जानकारी दे रही हैं कि रासायनिक खाद का उपयोग न करें और जितना हो सके जैविक खाद का उपयोग करें.

बड़े महिला समूह को अपने ग्रुप में दिया रोजगार
बिहान योजना ने अनीता मोदी की जिंदगी में बदलाव लाया. पहले अनीता मोदी घर में रहकर घरेलू काम में व्यस्त रहती थीं, लेकिन फिर समूह में जुड़ीं और लोगों के घर-घर जाकर किसानों को प्रैक्टिकल रूप से खेती-किसानी के बारे में समझाने लगीं. अब अनीता मोदी ने एक बड़े महिला समूह को अपने अंडर में रखकर रोजगार दे रही हैं और अच्छी-खासी आय का साधन मिल चुका है.

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