लाइन में खड़ा किया, पूछा कौन हिंदू फिर…सबको रुला गई शहीद के बेटे की गवाही
- April 25, 2025
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Last Updated:April 25, 2025, 00:20 IST Naksh Kalthia Pahalgam Attack Story: पहलगाम में आतंकी हमले में सूरत के शैलेश कालथिया की मौत ने देश को झकझोर दिया. बेटे
Last Updated:April 25, 2025, 00:20 IST Naksh Kalthia Pahalgam Attack Story: पहलगाम में आतंकी हमले में सूरत के शैलेश कालथिया की मौत ने देश को झकझोर दिया. बेटे
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पहलगाम हमले का सच बच्चे ने बयां किया. (Social Media)
हाइलाइट्स
Naksh Kalthia Pahalgam Attack Story: मिनी ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से महशूर पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को दहलाकर रख दिया. गुजरात के सूरत शहर के रहने वाले शैलेश कालथिया ने भी इस हमले में अपनी जान गंवाई. अपनी आंखों के सामने पिता की हत्या देखने वाले बेटे नक्ष कालथिया ने घटना पर अपनी आपबीती सुनाई. बच्चे ने उस मंजर को बयान किया कि कैसे आतंकियों ने पहले सभी को लाइन में खड़ा किया, हिन्दुओं और मुसलमानों को अलग किया और फिर पिता सहित अन्य लोगों को मौत के घाट उतार दिया. नक्ष की यह कहानी इस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. हर कोई इस बच्चे के जज्बे को सलाम कर रहा है.
‘पापा को बोलने का मौका भी नहीं दिया’
नक्ष ने बताया कि वो अपने परिवार के साथ पहलगाम में छुट्टियां मनाने गया गया था. अचानक गोलियों की आवाज ने शांत वादी को दहशत में बदल दिया. नक्ष और उनके परिवार ने तुरंत छुपने की कोशिश की लेकिन आतंकियों ने उन्हें ढूंढ निकाला. नक्ष ने मुताबिक कुल दो आतंकी थे, जिनमें से एक ने पुरुषों को अलग करने का आदेश दिया. मुसलमान और हिंदूओं को अलग किया गया. इसके बाद आतंकियों ने पुरुषों से तीन बार ‘कलमा’ पढ़ने को कहा. जो लोग इसे नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी गई. शैलेश कालथिया भी उनमें से एक थे. नक्ष ने बताया कि आतंकियों ने उनके पिता को बोलने का मौका तक नहीं दिया.
कलमा पढ़ो या मरने के लिए तैयार हो जाओ।”पहलगाम में आतंकियों ने हिंदुओं और मुसलमानों को अलग किया, और फिर हिंदुओं को गोली मार दी।
एक बच्चे ने अपने पिता को इस्लामिक आतंकियों के हाथों मरते देखा
— उसके रोने की आवाज़ ही आखिरी चीख़ थी जो गूंजती रही।
यह सिर्फ आतंकवाद नहीं था, यह एक… pic.twitter.com/JHtQNAwgTA
— Manoj Singh (@PracticalSpy) April 24, 2025
