ओटावा: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की बर्बर हत्या के बाद वैश्विक समुदाय में गुस्सा और शोक की लहर है. कनाडा, जो पहले चुप था, उसने भी आखिरकार इस आतंकी हमले की निंदा की. कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इसे ‘नासमझ हिंसा’ करार देते हुए शोक जताया. भारत का कट्टर विरोधी तुर्की भी इस हमले की निंदा कर चुका है. लेकिन भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़े कदम उठाए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है.
कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने X पर लिखा, ‘जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले से मैं स्तब्ध हूं. यह निर्दोष नागरिकों और पर्यटकों पर बेतुकी हिंसा थी. कनाडा इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है और पीड़ितों व उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है.’ यह बयान हमले के करीब 36 घंटे बाद आया, जब कनाडा G7 देशों में इकलौता था जिसने पहले कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी. हालांकि उनके बयान से लोग नाराज दिखे, क्योंकि उन्होंने भारत का जिक्र नहीं किया. कनाडा के विपक्षी नेता पियरे पॉइलिवरे ने पहले ही हमले की निंदा करते हुए कहा था, ‘यह भयावह कृत्य है. कनाडा आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है.’ हालांकि उन्होंने भी भारत का जिक्र नहीं किया, जिसपर लोगों ने खरी खोटी सुनाई.
तुर्की, जो अक्सर भारत के खिलाफ बोलता रहा है, ने भी इस हमले की तीखी निंदा की. तुर्की ने इसे ‘क्रूर आतंकी कृत्य’ बताया और पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई. तुर्की के इस रुख को भारत में आश्चर्य के साथ देखा जा रहा है, क्योंकि वह आमतौर पर पाकिस्तान का समर्थन करता है.