भारत में पाकिस्तान सरकार का X हैंडल बंद, PAK उच्चायोग के बाहर से बैरिकेड हटे
- April 24, 2025
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नई दिल्ली. पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद मोदी सरकार एक्शन में आ गई है. भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए एक तरफ जहां सिंधु जल संधि
नई दिल्ली. पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद मोदी सरकार एक्शन में आ गई है. भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए एक तरफ जहां सिंधु जल संधि
नई दिल्ली. पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद मोदी सरकार एक्शन में आ गई है. भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए एक तरफ जहां सिंधु जल संधि का खत्म करने का फैसला लिया है, वहीं पाकिस्तानी राजनयिकों से 7 दिनों के अंदर देश छोड़ने को भी कह दिया है. इस कदम से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. शहबाज शरीफ की सरकार ने सीसीएस की बैठक बुलाई है, जहां कुछ खास फैसले लिए जा सकते हैं.
पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर मोदी सरकार के फैसले ने पड़ोसी देश में खलबली पैदा कर दी है. उनके नेताओं को समझ नहीं आ रहा कि आगे किस तरह बढ़ा जाए और इसीलिए वह गीदड़भभकी देने पर उतर आए हैं. दूसरी ओर, मोदी सरकार ने हमले के संबंध में जानकारी मुहैया कराने के लिए गुरुवार को सभी दलों की एक बैठक बुलाई है.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले के बाद प्रधानमंत्री पैकेज के अंतर्गत नियुक्त सभी कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश दिए गए. बारामुला के मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) की ओर से जारी आदेश के अनुसार कर्मचारियों को 27 अप्रैल तक घर से काम करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) के बारामुला कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि प्रधानमंत्री पैकेज के अंतर्गत नियुक्त सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से इस सप्ताह के लिए वर्क फ्रॉम होम (घर से कार्य) करने की अनुमति दी जा रही है. यह आदेश 27 अप्रैल (रविवार) तक प्रभावी रहेगा. आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित सभी कर्मचारी अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को निभाने के लिए उपलब्ध रहें और आवश्यकतानुसार विभागीय कार्यों में सहयोग सुनिश्चित करें.
कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है. भारत सरकार ने अटारी में बने चेक पोस्ट को बंद करने का फैसला किया है. पंजाब के फिरोजपुर मे हुसैनीवाला बॉर्डर पर हर रोज़ भारतीय रेंजरों और पाकिस्तानी रेंजरों में होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी भी गुरुवार से बंद हो सकती है.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने दहशतदर्गों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उधमपुर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे आतंकवादियों के साथ सेना लोहा ले रही है. उधमपुर के बसंतगढ़ इलाके में दोनों तरफ से लगातार फायरिंग हो रही है. दूसरी तरफ, भारतीय सेना ने पुंछ में लाइन ऑफ कंट्रोल पर संदिग्ध गतिविधि दिखने पर गोलीबारी की. मेंढर में अग्रिम चौकी पर तैनात सेना के जवानों ने बुधवार देर रात संदिग्ध हलचल देखी, जिसके बाद ड्यूटी पर तैनात सेना के संतरी ने उसे चुनौती दी. सेना की तरफ से इलाके में तलाशी शुरू कर दी गई है.
ब्रिटेन की संस्कृति, मीडिया एवं खेल मंत्री लीसा नंदी ने पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कुछ क्षण का मौन रखा और ब्रिटिश सरकार की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की. उनके मंत्रालय एवं लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग द्वारा बुधवार शाम आयोजित एक संयुक्त कार्यक्रम में नंदी ने कहा कि यह एक बहुत कठिन समय है, क्योंकि दुनिया ‘भयावह आतंकवादी हमलों’ के प्रभाव को झेल रही है.
पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड को भारत के ऐक्शन का डर सता रहा है. सैफुल्लाह खालिद कसूरी ने हमले के बाद पहला बयान जारी किया, जिसमें उसने कहा कि पहलगाम हमले से पाकिस्तान का ताल्लुक नहीं है. 22 अप्रैल को अनंतनाग के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में एक विदेशी नागरिक सहित 26 लोग मारे गए थे.
आतंकवादी हाफिज सईद के एक पुराने वीडियो के जरिए पाकिस्तान ने भारत को नई धमकी दी है. पानी रुकेगा तो दरिया में खून बहेगा. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसिंयों ने सोशल मीडिया पर हाफिज का वीडियो वायरल किया है.
केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के को लेकर 24 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया है. सूत्रों के मुताबिक यह बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में होगी. सर्वदलीय बैठक में हमले के बाद की स्थिति, सुरक्षा उपायों और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी. जिसमें तमाम दलों के नेता शामिल होंगे. सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर भी मौजूद रहेंगे. वह राजनीतिक नेताओं को पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित कदमों के बारे में जानकारी देंगे.
सीसीएस की बैठक ढाई घंटे तक चली और इसमें अटारी एकीकृत जांच चौकी को भी तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला किया गया. यह दोनों देशों के बीच एकमात्र चालू पारगमन सीमा है. मिस्री ने कहा कि 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेगी, जब तक कि पाकिस्तान सीमापार आतंकवाद को अपना समर्थन विश्वसनीय रूप से बंद नहीं कर देता. अटारी में सीमा चौकी को बंद करने के बारे में मिस्री ने कहा कि जो लोग वैध प्रमाण-पत्र के साथ सीमा पार गए हैं, वे एक मई से पहले उस मार्ग से लौट सकते हैं.
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि पाकिस्तानी नागरिकों को दक्षेस वीजा छूट योजना (एसवीईएस) के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और पाकिस्तानी नागरिकों को अतीत में जारी किए गए किसी भी एसवीईएस वीजा को रद्द माना जाएगा. सीसीएस की बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल भी शामिल हुए.
विदेश सचिव ने पांच जवाबी कदमों की घोषणा करते हुए कहा कि “पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा, सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को अवांछित (पर्सोना नॉन ग्राटा) घोषित किया गया है” तथा उनसे एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि भारत भी इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से अपने रक्षा, नौसेना, वायु सलाहकारों को वापस बुलाएगा. मिस्री ने कहा, “संबंधित उच्चायोगों में ये पद निरस्त माने जाएंगे. दोनों उच्चायोगों से सेवा सलाहकारों के पांच सहायक कर्मचारियों को भी वापस बुलाया जाएगा.”
पहलगाम में नृशंस हमले में 26 लोगों की मौत के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक हुई, जिसमें इस कायरतापूर्ण हमले के प्रति भारत के जवाबी कदमों को अंतिम रूप दिया गया तथा सुरक्षा बलों को ‘उच्च सतर्कता’ बनाए रखने का निर्देश दिया गया.
