एक दिन में मिलेगी कालसर्प और पितृ दोष से राहत! वैशाख अमावस्या पर करें ये काम
- April 24, 2025
- 0
Last Updated:April 24, 2025, 09:40 IST Vaisakha Amavasya: वैशाख अमावस्या ऐसी तिथि है, जिसमें कालसर्प और पितृ दोष दोनों से राहत के लिए उपाय एक साथ किए जा
Last Updated:April 24, 2025, 09:40 IST Vaisakha Amavasya: वैशाख अमावस्या ऐसी तिथि है, जिसमें कालसर्प और पितृ दोष दोनों से राहत के लिए उपाय एक साथ किए जा
Last Updated:
हाइलाइट्स
देवघर: कई बार कुंडली में कालसर्प दोष या फिर पितृदोष लग जाने से व्यक्ति के जीवन में आर्थिक और शारीरिक समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं. इस वजह से जातक का विकास रुक जाता है. वहीं, इन सब दोषों से छुटकारा पाने के लिए ज्योतिष शास्त्र में अमावस्या तिथि को शुभ माना गया है. मान्यता है कि इस दिन पितृ से जुड़े या फिर कालसर्प दोष से जुड़े उपाय करने से राहत मिलती है. वहीं, कुछ दिनों में वैशाख अमावस्या आने वाली है. इस बार ये तिथि बेहद खास है.
देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18 को बताया कि 27 अप्रैल को वैशाख माह की अमावस्या तिथि है. अगर किन्ही कारणवश पितृ नाराज हैं या कुंडली में कालसर्प दोष है तो वैशाख अमावस्या पर उपाय करके पितृ को प्रसन्न किया जा सकता है. कालसर्प दोष से भी मुक्ति पाई जा सकती है. क्योंकि, माघ और कार्तिक की तरह वैशाख माह को भी अत्यंत शुभ माना जाता है. यह महीना श्रीकृष्ण को बेहद प्रिय है.
कैसे पता चले कि पितृ दोष?
ज्योतिषाचार्य बताते हैं, पितृ दोष के कई लक्षण होते हैं. जैसे घर के पेड़-पौधों का अचानक सूख जाना. घर में लगातार गृह क्लेश होना. दुर्घटना के भी योग बनना. विवाह में देरी होना. बार-बार परीक्षाओं में असफलता प्राप्त होना. संतान सुख से वर्जित होना. पैसे कमाने के बावजूद घर में न टिकना आदि..
काल सर्प दोष के लक्षण
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, कालसर्प दोष के कई लक्षण हैं. जैसे रात के नींद में सांप दिखाई देना. रात में डरावने सपने आना. अनिद्रा के शिकार होना. मानसिक तनाव होना. जीवनसाथी के साथ लगातार वाद-विवाद होना. कालसर्प दोष के लक्षण हैं.
अमावस्या पर करें ये उपाय
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि वैशाख अमावस्या के दिन सुबह किसी नदी या तालाब में स्नान कर पितृ के नाम से तर्पण इत्यादि कर लें. इसके बाद पीपल पेड़ के नीचे जल, दूध और तिल अर्पण करें. सरसों तेल का दीपक जलाएं. इससे पितृ बेहद प्रसन्न होंगे. साथ ही किसी हनुमान या शिव मंदिर जाकर पूजा करें. एक चांदी का सर्प चुप चाप अर्पण करें. अगर जातक ऐसा करते हैं तो एक ही दिन में पितृ दोष और कालसर्प दोष से मुक्ति मिल जाएगी.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
