दिल्लीवालों जिसका डर था वही हुआ, एक नवंबर से शहर में नहीं चल सकेंगे ये वाहन
- April 24, 2025
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Delhi News Today: अगर आप भी देश की दिल्ली में रहते हैं या फिर राजधानी में अपने कमर्शियल वाहन की मदद से कामगाज करते हैं तो यह खबर
Delhi News Today: अगर आप भी देश की दिल्ली में रहते हैं या फिर राजधानी में अपने कमर्शियल वाहन की मदद से कामगाज करते हैं तो यह खबर
Delhi News Today: अगर आप भी देश की दिल्ली में रहते हैं या फिर राजधानी में अपने कमर्शियल वाहन की मदद से कामगाज करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है. सरकार ने डीजल वाहनों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. सेंट्रल एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन यानी सीएक्यूएम ने प्रदूषण पर कंट्रोल करने के लिए यह निर्णय लिया है कि एक नवंबर से दिल्ली में बीएस-छह डीजल मानक से नीचे के सभी परिवहन और मालवाहक वाहनों के राजधानी में एंट्री नहीं दी जाएगी. बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है. साफ हो गया कि पुरानी गाड़ियां अब एनसीआर की सड़कों पर नहीं चलेंगी. पुरानी गाड़ियों को हटाने के लिए CAQM ने ठोस रणनीति बनाई है. इसके लिए उसने एक पूरी गाइडलाइन जारी की है.
EoL (End of Life) वाहन कौन से हैं?
•10 साल से अधिक पुराने डीज़ल वाहन
•15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन
प्रतिबंध की तारीख
•दिल्ली में 1 अक्टूबर 2025 से
•गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, सोनीपत में 1 नवम्बर 2025 से
•बाकी NCR क्षेत्र में 1 अप्रैल 2026 से
कार्रवाई कैसे होगी?
• ANPR कैमरे (Automated Number Plate Recognition) सभी पेट्रोल पंपों व ट्रैफिक पॉइंट्स पर लगाए जा रहे हैं. इन कैमरों को VAHAN डेटाबेस से जोड़ा गया है, जिससे पुराने और प्रतिबंधित वाहनों की पहचान हो सकेगी. पहचाने जाने पर इन वाहनों को पेट्रोल नहीं मिलेगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जप्ती और स्क्रैपिंग भी शामिल है.
BS-VI से नीचे के डीजल ट्रकों पर दिल्ली में बैन
CAQM ने राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए BS-VI से नीचे मानक वाले सभी ट्रांसपोर्ट और कमर्शियल डीजल वाहनों (LGVs, MGVs, HGVs) पर 1 नवम्बर 2025 से पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है.
प्रवेश की अनुमति केवल इन वाहनों को
•BS-VI डीजल वाहन
•CNG वाहन
•LNG वाहन
•इलेक्ट्रिक वाहन (EVs)
आयोग ने एक आदेश में कहा कि केवल बीएस-4 डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों को एक नवंबर से दिल्ली में प्रवेश की अनुमति होगी. इसमें हल्के मालवाहक वाहन (एलजीवी), मध्यम मालवाहक वाहन (एमजीवी) और भारी मालवाहक वाहन (एचजीवी) शामिल हैं. सीएक्यूएम ने कहा कि यह आदेश दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड ऐसे सभी वाहनों पर लागू होगा. हालांकि, जरूरी चीजों को ले जाने वाले या आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले गैर-बीएस चार वाहनों को 31 अक्टूबर, 2026 तक अस्थायी छूट दी जाएगी. उसके बाद, आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को भी स्वच्छ ईंधन को भी अपनाना होगा.
डीजल वाहनों का प्रदूषण में अहम योगदान
सीएक्यूएम ने कहा कि कमर्शियल वाहन, खासतौर पर पुराने डीजल वाहन दिल्ली-एनसीआर के एयर पल्यूशन में अहम योगदान देते हैं. खासतौर पर सर्दियों के दौरान यह समस्या बहुत बढ़ जाती है. यह निर्णय चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना (जीआरएपी) के अनुरूप है, जिसके तहत ज्यादा प्रदूषण वाले दिनों में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाता है. आयोग ने दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के परिवहन विभागों और यातायात पुलिस को निर्देश दिया है कि वे सभी 126 सीमा प्रवेश बिंदुओं और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरों से लैस 52 टोल प्लाजा पर इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें. सीएक्यूएम ने कहा कि सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को तिमाही अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी.
