कैसे होगी 2026 में बाघों की गिनती… PTR में WII के एक्सपर्ट करेंगे मंथन!
- April 22, 2025
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Last Updated:April 22, 2025, 20:07 IST Pilibhit Tiger Reserve News : पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में 2026 में होने वाली बाघ गणना के लिए प्रशिक्षण आयोजित होगा. इसमें 6
Last Updated:April 22, 2025, 20:07 IST Pilibhit Tiger Reserve News : पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में 2026 में होने वाली बाघ गणना के लिए प्रशिक्षण आयोजित होगा. इसमें 6
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सांकेतिक फोटो.
हाइलाइट्स
पीलीभीत. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिज़र्व न केवल सैलानियों के लिए एक अच्छा डेस्टिनेशन है बल्कि संरक्षण मॉडल के लिहाज़ से भी इस टाइगर रिज़र्व को काफ़ी अधिक सराहा जा रहा है. आगामी महीने में यहां 2026 में होने वाली बाघ गणना के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा.
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में आने वाले दिनों में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. यह प्रशिक्षण वर्ष 2026 में होने वाली बाघ गणना के लिहाज से किया जाएगा. इस प्रशिक्षण में 6 टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क शिरकत करेंगे. जिसमें उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क व कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, बिहार का वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, यूपी के पीलीभीत, दुधवा व अमानगढ़ टाइगर रिजर्व शामिल हैं. इसके साथ ही साथ इस प्रशिक्षण में उत्तराखंड की नंधौर वाइल्डलाइफ सेंचुरी, यूपी की किशनपुर, सुहेलवा, कतर्नियाघाट व दक्षिण खीरी वन प्रभाग शामिल होंगे. गौरतलब है कि यह सभी अभ्यारण्य बाघ संरक्षण के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं.
2022 में हुई थी बाघ गणना
2022 की राष्ट्रीय बाघ गणना के दौरान, PTR को 365 ग्रिड में विभाजित किया गया था, जिनमें से प्रत्येक 2 वर्ग किलोमीटर को कवर करता था. वहीं दुधवा टाइगर रिजर्व व इसमें शामिल (दुधवा नेशनल पार्क, कतर्नियाघाट डब्ल्यूएलएस और किशनपुर डब्ल्यूएलएस) सहित, 887 ग्रिड में विभाजित किया गया था. बाघों की तस्वीरें लेने के लिए प्रत्येक ग्रिड में दो कैमरा ट्रैप लगाए गए थे. बाघों के शिकार जिसमे विशेष रूप से बड़े खुर वाले जानवरों का आकलन करने के लिए दुधवा में 114 और पीटीआर में 54 ट्रांसेक्ट लाइन स्थापित की गई थी.
WII के एक्सपर्ट देंगे ट्रेनिंग
अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एनटीसीए के प्रोटोकॉल के अनुसार WII (वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) के विशेषज्ञों द्वारा बाघ गणना की ट्रेनिंग दी जानी है.
