लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से ताल्लुक रखने वाले युवा वैज्ञानिक मुनीर खान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और अपने जिले का नाम रोशन किया है. अमेरिका के कोलंबिया यूनिवर्सिटी में आयोजित “मिलार्ड चान टेक्नोलॉजी चैलेंज 2025” में हिस्सा लेकर उन्होंने बड़ी उपलब्धि हासिल की. उन्हें सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे तकनीकी कामों के लिए “इंजीनियरिंग फॉर ह्यूमैनिटी अवॉर्ड 2025” से नवाजा गया. इस अवॉर्ड के साथ मुनीर को 10,000 अमेरिकी डॉलर की नकद राशि भी दी गई. यानी करीब 8 लाख 53 हजार रुपये उन्हें मिले हैं.
मुनीर खान की एक स्टार्टअप कंपनी है, जिसका नाम Cadre Technologies Services LLC है. यह कंपनी अमेरिका के डेलावेयर राज्य के डोवर शहर में स्थित है. इस कंपनी के जरिए मुनीर एक खास तरह का AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित स्मार्ट चश्मा बना रहे हैं, जो विशेष रूप से दृष्टिहीन यानी नेत्रहीन लोगों के लिए तैयार किया जा रहा है. यह चश्मा दृष्टिबाधित लोगों को उनके आसपास के माहौल को समझने में मदद करेगा, जिससे वे अपने रोजमर्रा के काम खुद करने में सक्षम हो सकें.
मुनीर की सोच
मुनीर का कहना है, “मैं अपने ज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल उन लोगों की मदद के लिए करना चाहता हूं, जो आंखों से दुनिया नहीं देख सकते, लेकिन मैं उन्हें दुनिया की खूबसूरती का अहसास कराना चाहता हूं.”
मुनीर की ज़िंदगी की कहानी
मुनीर खान का बचपन कठिनाइयों भरा रहा. जब वह सिर्फ एक साल के थे, तब उनके पिता का निधन हो गया था. वह आठ भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं. उनका पालन-पोषण परिवार ने काफी मुश्किल हालात में किया. उन्होंने अपना बचपन गांव गौरिया में एक मिट्टी के मकान में बिताया और गांव के ही प्राथमिक स्कूल से पांचवीं तक की पढ़ाई की. इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए शहर गए. उन्होंने उत्तराखंड के भीमताल स्थित एक कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की.
मुनीर की खास उपलब्धियां
साल 2013 में उन्हें देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा युवा वैज्ञानिक पुरस्कार मिला. 2017 में उन्हें फ्रांस सरकार की ओर से चारपाक फेलोशिप दी गई, जिसके तहत उन्होंने फ्रांस के एक्सलिम रिसर्च इंस्टीट्यूट में तीन महीने तक रिसर्च किया. साल 2024 में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें एक बार फिर युवा वैज्ञानिक सम्मान से नवाजा.