आतंकियों की मौत से भी होश में नहीं आया लश्कर, भारत के खिलाफ फिर उगला जहर
- April 19, 2025
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Last Updated:April 19, 2025, 14:30 IST रावलकोट में JKUM और LeT के कमांडर अबू मूसा ने रैली में भारत के खिलाफ जहर उगला और जिहाद की धमकी दी.
Last Updated:April 19, 2025, 14:30 IST रावलकोट में JKUM और LeT के कमांडर अबू मूसा ने रैली में भारत के खिलाफ जहर उगला और जिहाद की धमकी दी.
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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर स्थित रावलकोट में आतंकवादी संगठनों ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है. (प्रतीकात्मक)
हाइलाइट्स
रावलकोट. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर स्थित रावलकोट में आतंकवादी संगठनों ने एक बार फिर भारत के खिलाफ जहर उगला है. जम्मू कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट (JKUM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर अबू मूसा ने एक रैली में जम्मू कश्मीर में जिहाद, हथियारों और सिर कलम करने की धमकी दी. यह रैली मारे गए LeT आतंकवादी आकिफ हलीम को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित की गई थी, जिसे 17 मार्च, 2025 को कुपवाड़ा में भारतीय सुरक्षा बलों ने ढेर किया था.
रावलकोट के शहीद साबिर स्टेडियम में आयोजित इस रैली में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) जैसे आतंकवादी संगठनों के सदस्य शामिल थे. रैली का थीम ‘कश्मीर सॉलिडैरिटी’ और ‘अल अक्सा फ्लड’ था, जो हमास की गाजा में सैन्य कार्रवाइयों का जिक्र करता है. इस रैली में भारत के खिलाफ भड़काऊ नारे लगाए गए और जम्मू कश्मीर को भारत से अलग करने की बात कही गई.
अबू मूसा ने अपने भाषण में कहा, ‘जम्मू कश्मीर में जिहाद जारी रहेगा. हमारी बंदूकें नहीं रुकेंगी, और सिर कलम करना हमारा मिशन है. भारत को तबाह करना हमारा लक्ष्य है.’ उसने मारे गए आतंकवादी आकिफ हलीम को ‘शहीद’ बताते हुए उसकी ‘कुर्बानी’ को याद किया. आकिफ हलीम को भारतीय सुरक्षा बलों ने कुपवाड़ा में एक मुठभेड़ में मार गिराया था, जहां वह आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहा था.
इस रैली ने पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को फिर से उजागर किया है. एक तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शांति की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ रावलकोट में आतंकवादी संगठनों को खुली छूट दी जाती है. भारतीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार, रावलकोट और मुजफ्फराबाद जैसे इलाकों में 80-100 विदेशी आतंकवादी जम्मू कश्मीर में हमले की योजना बना रहे हैं. सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान की यह हरकत भारत में अस्थिरता फैलाने की साजिश है. सरकार और सुरक्षा बलों से ऐसी रैलियों पर कड़ी नजर रखने और जवाबी कार्रवाई की मांग की जा रही है.
