February 20, 2026
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किसी की हल्दी तो किसी की बारात के बीच रुकी शादी, यहां 1000 से अधिक रुकीं शादी

  • April 18, 2025
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Last Updated:April 18, 2025, 21:32 IST जिले में बाल विवाह रोकने के अभियान से 730 किशोरियों की शादियाँ रुकवाई गईं. सुनीता कुमारी और जिला प्रशासन के सहयोग से

किसी की हल्दी तो किसी की बारात के बीच रुकी शादी, यहां 1000 से अधिक रुकीं शादी

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जिले में बाल विवाह रोकने के अभियान से 730 किशोरियों की शादियाँ रुकवाई गईं. सुनीता कुमारी और जिला प्रशासन के सहयोग से यह अभियान चलाया जा रहा है. पीरो व बड़हरा प्रखंड में सबसे ज्यादा मामले सामने आए.

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किसी का हल्दी तो किसी के बरात के बीच रुकी शादी, ऐसी एक हजार से अधिक शादियां भोजप

हाइलाइट्स

  • भोजपुर में बाल विवाह रोकने के अभियान से 730 शादियां रुकीं.
  • सुनीता कुमारी और जिला प्रशासन का सहयोग.
  • पीरो और बड़हरा प्रखंड में सबसे ज्यादा मामले.

भोजपुर जिले में बाल विवाह रोकने के लिए अभियान के तहत डेढ़ वर्ष में करीब 730 किशोरियों के जिंदगी को उजड़ने से बचाया गया है. जून 2023 से लेकर अब तक कानूनी नियम से पहले विवाह होने की स्थिति में उनकी शादियों को रुकवाया गया है. उन्हें बालिग होने तक आपसी समझौते से जागरूक कर मनाया गया है. कई नाबालिग लड़कियों की शादियों को तिलक, हल्दी व विवाह ऐन वक्त पर भी रोका गया है. सबसे ज्यादा मामले पीरो व बड़हरा प्रखंड के है. यह अभियान दिशा एक प्रयास संस्था के संचालिका सुनीता कुमारी और जिला प्रशासन के सहयोग से चलाया जा रहा है.

इस अभियान से जुड़े लोगों के अनुसार राजस्थान व हरियाणा के लोग दलालों के माध्यम से जिले में गरीब परिवार खी किशोरियों से शादी करने के लिए पहुंच रहे हैं, जिसके एवज में एक बड़ी रकम दलालों को अदा करते हैं. दलाल गरीब परिवार के लोगों को 50 हजार से एक लाख रुपए तक की राशि देते हैं और परिवार को बेटी की शादी के लिए राजी कर लेते हैं.

बाल विवाह होने पर घराती-बाराती, फोटोग्राफर व पंडितजी पर होगा केस
बाल विवाह के विरुद्ध 1929 में कानून बनाया गया था, जिसमें सजा छोटी उम्र में बच्ची को ब्याहने वाले माता-पिता और एक बच्ची से विवाह करने वाले वयस्क को मिलती थी. कानून में सुधार करते हुए वर्ष 2006 में विवाह के लिए उम्र सीमा कम से कम लड़कों के लिए 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष तय कर दी गई.

बाल विवाह में शामिल माता-पिता, पंडित, काजी, टेंट व बैंड वाले, हलवाई, फोटोग्राफर, बाराती, रिश्तेदार सहित सभी अपराधी व सजा के पात्र होंगे. राज्य सरकार व पंचायतों के जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय कर दी है. संबंधित पंचायत के मुखिया व अन्य प्रतिनिधियों को बाल विवाह की सूचना प्रखंड व जिले के अधिकारियों को देनी होगी.

दिशा एक प्रयास चलाने वाली संस्था के संचालिका सुनीता कुमारी के द्वारा बताया गया की भोजपुर जिले के 9 प्रमुख मंदिरों को वह अपने साथ कर चुकी है. जहां पर शादी विवाह का कार्यक्रम होता है मंदिर कमेटी के द्वारा आश्वस्त किया जा चुका है कि 18 साल से कम उम्र की लड़कियों की वह शादी नहीं करवाएंगे. उन्होंने कहा कि कुछ मंदिर अभी शेष बचे हैं जहां पर काम जारी है. इसके अलावा जिले के प्रमुख कैटरिंग, टेंट ब्यूटी पार्लर और इत्यादि लोगों को भी वह अपने साथ इस मुहिम में शामिल की है. उन लोगों से भी शपथ पत्र बनवा चुकी है जिसमें यह लिखा हुआ है कि 18 साल से कम उम्र की लड़कियों के शादी में वह लोग बुकिंग नहीं करेंगे.

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