खेत में खुरपी से 8 जगह करें ये काम… खुल जाएगी पूरी जमीन की कुंडली!
- April 18, 2025
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Last Updated:April 18, 2025, 18:59 IST Soil Testing : रबी फसलों की कटाई हो चुकी है और खेत खाली हो चुके हैं. ऐसे में धान की बुवाई से
Last Updated:April 18, 2025, 18:59 IST Soil Testing : रबी फसलों की कटाई हो चुकी है और खेत खाली हो चुके हैं. ऐसे में धान की बुवाई से
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हाइलाइट्स
शाहजहांपुर : रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी का स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. किसान अधिक पैदावार की चाह में खेतों में रासायनिक दवाओं और उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग कर रहे हैं, जिससे उपजाऊ मिट्टी में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो रही है. बिना मिट्टी की जांच कराए ही उर्वरकों का प्रयोग करने के कारण यह समस्या और बढ़ रही है. ऐसे में, किसानों को सलाह दी जाती है कि वे हर 6 महीने में अपने खेत की मिट्टी की जांच अवश्य कराएं.
राजकीय मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के अध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि गेहूं की फसल काटने के बाद मिट्टी की जांच कराना बेहद जरूरी है. इससे मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों का सही पता चल पाता है. बिना जांच कराए, कई बार किसान ऐसे उर्वरक भी डाल देते हैं जिनकी मिट्टी को या तो आवश्यकता नहीं होती या फिर वे पहले से ही मिट्टी में मौजूद होते हैं.
खेत से मिट्टी का नमूना लेने का सही तरीका
जिस खेत से नमूना लेना हो, वहां 8 से 10 स्थानों पर लगभग 6 इंच लंबा, 4 इंच चौड़ा और 6 इंच गहरा गड्ढा खोद लें. फिर, एक खुरपी की सहायता से गड्ढे की दीवार से लगभग 2.5 सेंटीमीटर मोटी परत को ऊपर से नीचे तक काटकर अलग कर लें. अलग-अलग गड्ढों से इकट्ठा की गई मिट्टी को एक साफ कपड़े पर डालकर अच्छी तरह से मिला लें. इसके बाद मिट्टी के इस मिश्रण का एक ढेर बनाएं और उसे चार बराबर भागों में बांट दें. आमने-सामने के दो भागों की मिट्टी को हटा दें और शेष दो भागों को फिर से अच्छी तरह से मिलाकर ढेर बना लें. इस प्रक्रिया को तब तक दोहराते रहें जब तक लगभग आधा किलो मिट्टी शेष न रह जाए. अंत में, इस मिट्टी को एक साफ थैली में भरकर प्रयोगशाला में भेज दें.
सैंपल पर जरूर लिखें ये 6 बातें
मिट्टी का नमूना प्रयोगशाला भेजते समय, किसान को थैली के ऊपर अपना नाम, गांव का नाम, खेत की पहचान (जैसे कि खेत का नंबर), खसरा संख्या, विकासखंड और तहसील का नाम स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए. इसके अतिरिक्त, किसान को यह भी बताना चाहिए कि अब खेत में अगली कौन सी फसल बोई जानी है, ताकि प्रयोगशाला उस फसल के अनुसार उर्वरकों की आवश्यक मात्रा की जानकारी दे सके.
नमूना लेते समय रखें इन 3 बातों का ध्यान
