इनकी तो हो गई मौज! Saturday-Sunday ही नहीं, अब 3 दिन का होगा वीक-ऑफ
- April 18, 2025
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Last Updated:April 18, 2025, 17:28 IST जापान की टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए 4 दिन का वर्कवीक लागू करने का फैसला किया है. यह पहल
Last Updated:April 18, 2025, 17:28 IST जापान की टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए 4 दिन का वर्कवीक लागू करने का फैसला किया है. यह पहल
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जापान में अब सरकारी कर्मचारियों को 3 दिन का वीक-ऑफ.
हाइलाइट्स
हर नौकरी करने वाले को अपने वीक-ऑफ का इंतजार रहता है. कई एम्प्लॉई को 1 दिन का ऑफ मिलता है तो कई कंपनी में 2 दिन का. 1 हो या 2 वीक-ऑफ, क्या फर्क पड़ता है? पता तो कोई सा भी नहीं चलता है. इंसान को रेस्ट करने के लिए ये कम ही पड़ जाता है. ऐसे में जापान, जो अब तक अपनी स्ट्रिक्ट वर्किंग कल्चर और ओवरटाइम के लिए जाना जाता था, अब एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है. टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए 4 दिन का वर्कवीक लागू करने का फैसला किया है. इसका मतलब है कि अब सरकारी कर्मचारी हफ्ते में सिर्फ 4 दिन काम करेंगे और 3 दिन आराम करेंगे या यू कहें जापान भी अब उन देशों में शामिल होना चाहता है जो सबसे खुशहाल देशों कि लिस्ट में टॉप पर हैं.
बता दें कि टोक्यो मेट्रोपॉलिटन सरकार ने यह फैसला देश की घटते बर्थ रेट को भी देखते हुए भी लिया है, जिससे यहां कि पॉपुलेशन में उछाल आए. जापान इसी महीने से ही सरकारी कर्मचारियों के लिए 4-दिन का वर्कवीक लागू करने की योजना बना रहा है. टोक्यो की गवर्नर, युरिको कोइके, ने कहा कि यह पहल महिलाओं को करियर और परिवार के बीच संतुलन बनाने में मदद करेगी. यह योजना कर्मचारियों को सप्ताह में एक एक्सट्रा दिन की छुट्टी प्रदान करेगी, जिससे वे पर्सनल और पारिवारिक जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकें.
4 दिन का वर्कवीक अब सिर्फ एक ट्रायल नहीं, बल्कि एक ग्लोबल मूवमेंट बन चुका है. साल 2022 में बेल्जियम यूरोप का पहला देश बना जिसने 4 दिन का वर्कवीक कानूनी रूप से लागू किया. यहां कर्मचारी अपनी 40 घंटे की वीकली ड्यूटी को 4 दिनों में पूरा कर सकते हैं, वो भी बिना सैलरी कट के. साथ ही, “राइट टू डिस्कनेक्ट” भी लागू किया गया, जिससे बड़े संस्थानों के कर्मचारी ऑफिस टाइम के बाद ईमेल या मैसेज का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं. जर्मनी की भी 73% कंपनियों में यही फॉर्मेट लागू है. आइसलैंड ने 2015-2019 के बीच 4-दिन वर्कवीक ट्रायल किया गया. इसके अलावा डेनमार्क पहले से ही दुनिया के सबसे खुशहाल देशों में शामिल है. यहां वर्क-लाइफ बैलेंस को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है. कई संस्थान 30-35 घंटे की वीक फॉलो करते हैं, जिससे लोगों को परिवार, हेल्थ और पर्सनल टाइम के लिए भरपूर समय मिलता है.
